पाठ ६: भरत
अभ्यास, स्वाध्याय, भाषा-सज्जता और योग्यता-विस्तार
कक्षा 8 हिंदी
■ अभ्यास (पृष्ठ 40-41)
प्र. 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(1) इस एकांकी के आधार पर बालक सर्वदमन की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर: बालक सर्वदमन बहुत निडर, साहसी और हठीला है। वह तपोवन में हिंसक पशुओं (सिंह के बच्चे) के साथ बिना किसी डर के खेलता है। वह किसी के रोकने पर भी नहीं रुकता। उसका मुख अग्नि के समान तेजस्वी है और उसके हाथों में चक्रवर्ती सम्राटों के लक्षण दिखाई देते हैं। वह बहुत सुंदर और आकर्षक है।
(2) सर्वदमन के व्यवहारों को देखकर दुष्यन्त के मन में कौन-कौन से विचार आते थे ?
उत्तर: सर्वदमन की निडरता और बाल-सुलभ चंचलता को देखकर राजा दुष्यंत के मन में स्वाभाविक वात्सल्य (प्रेम) उमड़ रहा था। वे सोचते थे कि धन्य हैं वे लोग जो ऐसे सुंदर बच्चों को गोद में लेते हैं। बालक के हाथ में चक्रवर्ती सम्राट के लक्षण देखकर और यह जानकर कि यह बालक 'पुरुवंशी' है, दुष्यंत के मन में यह विचार आने लगा कि काश ! यह मेरा ही पुत्र हो।
प्र. 2. इस एकांकी में निम्नलिखित पात्रों में अंतर्निहित मूल्य बताइए :
(1) दुष्यंत:
उत्तर: राजा दुष्यंत के चरित्र में वात्सल्य भाव, पितृप्रेम, बच्चों के प्रति गहरा स्नेह, शूरवीरता और एक राजा का उत्तरदायित्व जैसे मूल्य देखने को मिलते हैं।
(2) सर्वदमन:
उत्तर: बालक सर्वदमन के चरित्र में निडरता, असीम साहस, प्राकृतिक जीवों के प्रति निकटता, बाल-सुलभ हठ (जिद्दीपन) और तेजस्विता जैसे मूल्य अंतर्निहित हैं।
प्र. 3. इस परिच्छेद को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
(1) एक अच्छा जंगल क्या कहलाता है ?
उत्तर: कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार एक अच्छा जंगल "जैविक भंडार घर" कहलाता है।
(2) जंगल को ज्यादा छाँटने या खत्म करने से क्या नुकसान होता है ?
उत्तर: जंगल को एक सीमा से भी ज्यादा छाँटने या खत्म करने से वे पेड़-पौधे और बहुमूल्य चीजें भी नष्ट हो जाती हैं, जिनकी हमें भविष्य में बहुत जरूरत हो सकती है (जैसे कोई संभावित पौधा या खाने की औषधीय वस्तु)।
(3) इस परिच्छेद का उचित शीर्षक दीजिए।
उत्तर: इस परिच्छेद का उचित शीर्षक "जंगलों का महत्त्व" या "जैविक भंडार घर : जंगल" हो सकता है।
(4) पर्यायवाची लिखिए : जंगल, घर, बहुत
उत्तर:
- जंगल: वन, कानन, अरण्य
- घर: गृह, आवास, भवन
- बहुत: अधिक, ज्यादा, प्रचुर
(5) इस परिच्छेद-आधारित दो सवाल बनाइए।
उत्तर:
- १. जंगल किन चीजों का भंडार घर है?
- २. एक अच्छा जंगल क्या-क्या उगाकर रखता है?
प्र. 4. सोच अपनी-अपनी...
(1) आपको कौन-सा टी.वी. प्रोग्राम अच्छा लगता है ? क्यों ? दस-पन्द्रह वाक्यों में वर्णन कीजिए।
उत्तर: (यह छात्र के विचारने योग्य प्रश्न है, इसका एक आदर्श उत्तर इस प्रकार है:) मुझे टी.वी. पर 'डिस्कवरी चैनल' (Discovery Channel) और 'कौन बनेगा करोड़पति' जैसे प्रोग्राम बहुत अच्छे लगते हैं। इन कार्यक्रमों को देखने से मेरे सामान्य ज्ञान (General Knowledge) में बहुत वृद्धि होती है। इनमें विज्ञान, प्रकृति, इतिहास और भूगोल की रोचक जानकारियाँ मिलती हैं। इनमें दिखाए जाने वाले जानवरों और जंगलों के दृश्य मुझे प्रकृति के करीब ले जाते हैं। यह केवल मनोरंजन ही नहीं करते, बल्कि हमारी शिक्षा और तार्किक शक्ति को भी बढ़ाते हैं। इसलिए, खाली समय में मैं ऐसे ज्ञानवर्धक प्रोग्राम ही देखना पसंद करता हूँ।
(2) कक्षा में पढ़ाई कर रहे हों और धरतीकंप आ जाए तो आप क्या करेंगे?
उत्तर: (यह छात्र की सूझबूझ का प्रश्न है:) यदि कक्षा में पढ़ाई करते समय अचानक धरतीकंप (भूकंप) आ जाए, तो मैं सबसे पहले घबराऊँगा नहीं और शांति बनाए रखूँगा। मैं तुरंत अपनी डेस्क या बेंच के नीचे छिप जाऊँगा और अपने सिर को दोनों हाथों से ढँक लूँगा ताकि ऊपर से कोई चीज़ गिरने पर चोट न लगे। कंपन रुकने के बाद, मैं अपने शिक्षक के निर्देशों का पालन करते हुए, बिना धक्का-मुक्की किए पंक्ति में कक्षा से बाहर निकलकर खुले मैदान में चला जाऊँगा।
■ स्वाध्याय (पृष्ठ 41-42)
प्र. 1. प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(1) ऋषियों ने बालक का नाम सर्वदमन क्यों रखा ?
उत्तर: बालक जंगल के भयानक और हिंसक पशुओं (जैसे सिंह के बच्चों) के साथ भी बिना किसी डर के खेलता था और उन्हें सताता था। वह अपनी वीरता से सबका दमन करता था। उसके इसी असीम साहस को देखकर ऋषियों ने उसका नाम 'सर्वदमन' (सबका दमन करने वाला) रखा था।
(2) दुष्यंत बालक के प्रति क्यों आकृष्ट हो रहे थे ?
उत्तर: बालक सर्वदमन का मुख अग्नि के समान दमक रहा था। उसकी निडरता, उसका बाल-सुलभ हठ, तुतली बोली और उसके हाथों में चक्रवर्तियों जैसे लक्षण देखकर राजा दुष्यंत का हृदय वात्सल्य से भर गया और वे स्वाभाविक रूप से उस बालक के प्रति आकृष्ट हो रहे थे।
(3) दुष्यंत ने पुरुवंशीय जीवन की कौन-सी दो रीतियाँ बताई ?
उत्तर: दुष्यंत ने पुरुवंशियों की दो रीतियाँ बताईं:
- १. युवावस्था में वे महलों में रहकर पृथ्वी की रक्षा और प्रजा का पालन करते हैं।
- २. वृद्धावस्था आने पर वे वन में जाकर जितेन्द्रिय तपस्वियों के आश्रम में वृक्षों के नीचे कुटिया बनाकर रहते हैं।
प्र. 2. चित्रों का अवलोकन करके अपने शब्दों में कहानी लिखिए।
(પેજ 41 પર આપેલા 6 ચિત્રો પરથી વાર્તા - લાકડાકાપનાર અને જળદેવતાની વાર્તા)
कहानी का शीर्षक : ईमानदार लकड़हारा
एक गाँव में एक बहुत ही गरीब लकड़हारा रहता था। वह रोज पास के जंगल में जाता, लकड़ियाँ काटता और उन्हें बेचकर अपने परिवार का पेट पालता था। एक दिन वह नदी के किनारे एक पेड़ पर चढ़कर लकड़ी काट रहा था। अचानक उसके हाथ से कुल्हाड़ी फिसल गई और नीचे गहरी नदी में गिर गई।
लकड़हारा पेड़ से उतरा और नदी के किनारे बैठकर फूट-फूटकर रोने लगा, क्योंकि उसके पास दूसरी कुल्हाड़ी खरीदने के भी पैसे नहीं थे। उसकी सच्ची पुकार सुनकर नदी में से जल-देवता प्रकट हुए। उन्होंने लकड़हारे से रोने का कारण पूछा। लकड़हारे ने सारी बात बता दी।
जल-देवता ने नदी में डुबकी लगाई और बाहर आकर लकड़हारे को एक 'सोने की कुल्हाड़ी' दिखाई और पूछा, "क्या यह कुल्हाड़ी तुम्हारी है?" लकड़हारे ने कहा, "नहीं प्रभु! मेरी कुल्हाड़ी सोने की नहीं है।" जल-देवता ने फिर डुबकी लगाई और इस बार 'चाँदी की कुल्हाड़ी' निकाली। लकड़हारे ने इसे भी अपनी मानने से इनकार कर दिया।
तीसरी बार जल-देवता ने 'लोहे की कुल्हाड़ी' निकाली। उसे देखते ही लकड़हारा खुशी से उछल पड़ा और बोला, "हाँ प्रभु! यही मेरी कुल्हाड़ी है।" जल-देवता लकड़हारे की इस ईमानदारी से बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने उसे उसकी लोहे की कुल्हाड़ी तो दी ही, साथ में सोने और चाँदी की कुल्हाड़ियाँ भी इनाम के रूप में दे दीं। लकड़हारा खुशी-खुशी अपने घर लौट गया।
सीख: ईमानदारी का फल हमेशा मीठा होता है।
■ भाषा-सज्जता (पृष्ठ 42-44)
• आप विशेषण तथा उसके प्रकार पढ़ चुके हैं। निम्नलिखित वाक्यों में विशेषण पहचानकर उनके प्रकार लिखिए :
- (1) ओम चतुर लड़का है।
उत्तर: विशेषण: चतुर (प्रकार: गुणवाचक विशेषण) - (2) श्याम बीस किलो आटा लाया।
उत्तर: विशेषण: बीस किलो (प्रकार: निश्चित परिमाणवाचक विशेषण) - (3) सानिया बाजार से थोड़ी चीनी लायी।
उत्तर: विशेषण: थोड़ी (प्रकार: अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण) - (4) साहिल के पास दस रुपए हैं।
उत्तर: विशेषण: दस (प्रकार: निश्चित संख्यावाचक विशेषण) - (5) कुछ लड़के उद्यान में खेल रहे हैं।
उत्तर: विशेषण: कुछ (प्रकार: अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण)
• निम्नलिखित विशेषणों का तीन प्रकार से वाक्य में उपयोग कीजिए:
(પાઠ્યપુસ્તકમાં આપેલા ઉદાહરણ (क, ख, ग) મુજબ ત્રણેય કક્ષાઓમાં વાક્યો બનાવવાના છે)
- (1) सुंदर
(क) मोर सुंदर पक्षी है। (सामान्य विशेषता)
(ख) मोर कबूतर से सुंदर पक्षी है। (दो में तुलना)
(ग) मोर सबसे सुंदर पक्षी है। (सबसे अधिक/कम) - (2) बड़ा
(क) हाथी बड़ा जानवर है。
(ख) हाथी शेर से बड़ा जानवर है。
(ग) हाथी जंगल का सबसे बड़ा जानवर है। - (3) मेहनती
(क) रामू मेहनती किसान है。
(ख) रामू शामू से मेहनती किसान है。
(ग) रामू गाँव में सबसे मेहनती किसान है। - (4) चालाक
(क) लोमड़ी चालाक जानवर है。
(ख) लोमड़ी कुत्ते से चालाक जानवर है。
(ग) लोमड़ी सबसे चालाक जानवर है।
• लिंग-परिवर्तन इन उदाहरण के आधार पर निम्नलिखित शब्दों का लिंग परिर्वतन कीजिए :
उत्तर:
- (1) हिरन = हिरनी
- (2) शिक्षक = शिक्षिका
- (3) पंडित = पंडिताइन
■ योग्यता-विस्तार (पृष्ठ 44)
(આ પ્રવૃત્તિઓ વિદ્યાર્થીઓએ જાતે અથવા વર્ગખંડમાં કરવાની છે. તેનો માર્ગદર્શક ઉત્તર નીચે મુજબ છે:)
• पुस्तकालय से पुस्तक लेकर दुष्यंत-शकुंतला की कथा पढ़िए।
उत्तर: (छात्रों के लिए प्रवृत्ति) छात्र अपने विद्यालय के पुस्तकालय से 'महाभारत' (आदिपर्व) या कालिदास रचित 'अभिज्ञानशाकुंतलम्' की कहानी की पुस्तक लेकर महर्षि कण्व के आश्रम में शकुंतला का पालन-पोषण, राजा दुष्यंत से उनका गंधर्व विवाह, ऋषि दुर्वासा का शाप और अंगूठी खोने के कारण राजा का शकुंतला को भूल जाना तथा अंत में भरत के जन्म और मिलन की पूरी कथा पढ़ सकते हैं।
• इस एकांकी का छात्रों से नाट्यीकरण करवाइए।
उत्तर: (कक्षा-प्रवृत्ति) शिक्षक कक्षा में छात्रों को अलग-अलग पात्र (जैसे एक छात्र को बालक सर्वदमन, दूसरे को राजा दुष्यंत और दो छात्राओं को तपस्विनी) बनाकर इस पूरे पाठ का संवाद सहित अभिनय (नाटक) करवाएं।