कक्षा 8 हिंदी पाठ 3 - अंतरिक्ष परी सुनीता विलियम्स

पाठ 3: अंतरिक्ष परी सुनीता विलियम्स

अभ्यास, स्वाध्याय, भाषा-सज्जता और योग्यता-विस्तार

कक्षा 8 हिंदी


■ अभ्यास (पृष्ठ 20)

प्र. 1. प्रश्नों के मौखिक उत्तर दीजिए :

(1) सुनीता को पूरे विश्व की बेटी क्यों कहा गया है ?

उत्तर: अंतरिक्ष किसी एक देश का नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व और मानव जाति का है। सुनीता विलियम्स एक अमरीकी नागरिक हैं, परंतु उनके पिता दीपकभाई पंड्या मूल रूप से भारत (गुजरात) के हैं। सुनीता ने अंतरिक्ष में जाकर जो ऐतिहासिक सफलताएँ प्राप्त कीं, वे किसी एक देश के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए गर्व का विषय हैं। इसीलिए, उनकी इस सार्वभौमिक उपलब्धि के कारण सुनीता को पूरे विश्व की बेटी कहा गया है।

(2) 'महिलाएँ विभिन्न क्षेत्रों में देश का नाम रोशन कर सकी हैं, आपका क्या मत है?'

उत्तर: मेरा यह दृढ़ मत है कि आज महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। वे उच्च-से-उच्च पदों पर आसीन हैं और उन्होंने परंपराओं की बेड़ियों को तोड़कर अपने अस्तित्व को साकार किया है। विज्ञान, शिक्षा, खेल, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे कठिन क्षेत्रों में सुनीता विलियम्स और कल्पना चावला जैसी महिलाओं ने अपनी क्षमता साबित करके देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है।

(3) 'कड़ी मेहनत, दृढ़ निश्चय और प्रतिभा के बल पर व्यक्ति अपनी मंजिल पा सकता है।' चर्चा कीजिए।

उत्तर: (छात्रों के लिए चर्चा का संभावित उत्तर) यह कथन बिल्कुल सत्य है। सफलता कभी आसानी से नहीं मिलती। सुनीता विलियम्स ने बचपन में अंतरिक्ष यात्री बनने का जो संकल्प लिया था, उसे उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ निश्चय से साकार किया। गोताखोरी, हेलीकॉप्टर उड़ाना और नासा का आठ साल का कड़ा प्रशिक्षण - यह सब उनकी प्रतिभा और अथक परिश्रम का ही परिणाम था। इसी लगन के कारण वे अंतरिक्ष यात्रा रूपी अपनी मंजिल पा सकीं।

(4) आप बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं ? क्यों ?

उत्तर: (यह छात्र के स्व-विचार का प्रश्न है, यहाँ एक आदर्श उत्तर प्रस्तुत है) मैं बड़े होकर एक वैज्ञानिक बनना चाहता हूँ। क्योंकि मुझे ब्रह्मांड के रहस्यों, नई तकनीकों और अंतरिक्ष के बारे में जानने की बहुत उत्सुकता है। मैं विज्ञान के क्षेत्र में नए-नए आविष्कार करके अपने देश भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन करना चाहता हूँ और मानवता की भलाई के लिए अपना योगदान देना चाहता हूँ।


■ स्वाध्याय (पृष्ठ 20 - 21)

प्र. 1. प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

(1) सुनीता कितने समय तक अंतरिक्ष में रहकर लौटी ?

उत्तर: सुनीता विलियम्स 194 दिन, 18 घंटे और 58 मिनट तक अंतरिक्ष में रहकर पृथ्वी पर वापस लौटीं।

(2) सुनीता ने अंतरिक्ष में कितने प्रकार का रिकॉर्ड बनाया ?

उत्तर: सुनीता ने अंतरिक्ष में कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए:

  • १. उन्होंने 29 घंटे 17 मिनट तक स्पेसवॉक करके एक नया अंतरिक्ष रिकॉर्ड बनाया।
  • २. वे अंतरिक्ष के बोस्टन मैराथन में साढ़े चार घंटे में 42 किलोमीटर का सफर तय करने वाली प्रथम अंतरिक्षयात्री बनीं।
  • ३. अंतरिक्ष में 188 दिन और चार घंटे रहने का शैनोन ल्यूसिक का पुराना रिकॉर्ड भी सुनीता ने तोड़ा।

(3) अंतरिक्ष परी सुनीता विलियम्स के अलावा हमारे देश के अंतरिक्षयात्री कौन-कौन हैं ?

उत्तर: अंतरिक्ष परी सुनीता विलियम्स के अलावा हमारे देश के अंतरिक्षयात्री राकेश शर्मा (प्रथम भारतीय अंतरिक्षयात्री) और कल्पना चावला (प्रथम महिला अंतरिक्षयात्री) हैं।

(4) हमें किस बात का गर्व है ?

उत्तर: हमें इस बात का अत्यंत गर्व है कि अंतरिक्ष में अपना अस्तित्व स्थापित करने वाली सुनीता विलियम्स का मूल भारत (गुजरात) से जुड़ा है। उनके पिता दीपकभाई पंड्या गुजराती हैं, इसलिए सुनीता का भारतीय और गुजराती होना हमारे लिए बहुत बड़े गर्व की बात है।

(5) सुनीता ने अपने सपने कैसे साकार किए ?

उत्तर: छः साल की उम्र में नील आर्मस्ट्रांग को चाँद पर उतरते देखकर सुनीता ने कुछ अलग कर दिखाने का निश्चय किया था। उन्होंने नेवल अकादमी से उच्च शिक्षा प्राप्त की, व्यावसायिक अनुभव लिया और नासा (NASA) में चयनित हुईं। आठ साल तक कठोर शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण लेकर उन्होंने अपने बचपन के संकल्प को मेहनत से साकार किया।

(6) अंतरिक्ष यात्रा में किस प्रकार की मुश्किलें आती हैं ?

उत्तर: अंतरिक्ष स्पेस स्टेशन में जिंदगी बहुत कठिन होती है। वहाँ खाने से लेकर नहाने तक में दिक्कतें आती हैं। गुरुत्वाकर्षण (भारहीनता) न होने के कारण शरीर का लचीलापन तेजी से खत्म होता है, मांसपेशियाँ और हड्डियाँ कमजोर हो जाती हैं। रोज डिब्बाबंद भोजन खाना पड़ता है और वहाँ सोना भी बहुत मुश्किल होता है।

प्र. 2. अंदाज अपना-अपना... (वाक्यों का कारण स्पष्ट कीजिए)

(1) अहमदाबाद हवाई अड्डे पर उत्तेजना थी...

उत्तर: ...क्योंकि 20 सितम्बर, 2007 को गुजरात का गौरव, भारत की शान और पूरे विश्व की बेटी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स अमरीका से हवाई जहाज द्वारा अहमदाबाद आ रही थीं।

(2) हमें नारी का सम्मान करना चाहिए...

उत्तर: ...क्योंकि आज महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। वे अपनी प्रतिभा, मेहनत और क्षमता से पुरानी परंपराओं की बेड़ियों को तोड़कर हर सर्वोच्च पद पर पहुँच रही हैं और दुनिया में देश का नाम रोशन कर रही हैं।

(3) सुनीता पंड्या सुनीता विलियम्स बनी...

उत्तर: ...क्योंकि सुनीता ने अपने एक खास मित्र और सहाध्यायी (सहपाठी) माइकल विलियम्स से शादी की, जिसके बाद उनका उपनाम बदल गया और वे सुनीता पंड्या से सुनीता विलियम्स बन गईं।

(4) कल्पना चावला हमारी कल्पना बन गई...

उत्तर: ...क्योंकि भारत की प्रथम महिला अंतरिक्षयात्री कल्पना चावला अपनी अंतरिक्ष यात्रा के दौरान एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गईं और अपने हौसले की बुलंदी को छूकर सदा के लिए एक प्रेरणादायक याद (कल्पना) बन कर रह गईं।

प्र. 3. पात्रों का परिचय दीजिए :

उत्तर:

  • (1) इंदिरा गांधी: ये स्वतंत्र भारत की प्रथम और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री थीं। इन्हें 'आयरन लेडी' (लौह महिला) के नाम से जाना जाता है।
  • (2) सानिया मिर्जा: ये भारत की एक बहुत ही प्रसिद्ध और सफल महिला टेनिस खिलाड़ी हैं। इन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई खिताब जीते हैं।
  • (3) किरण बेदी: ये भारत की प्रथम महिला आईपीएस (IPS) अधिकारी हैं। इन्होंने पुलिस सेवा और तिहाड़ जेल के सुधारों में बड़ा योगदान दिया है।
  • (4) मल्लिका साराभाई: ये भारत की एक सुप्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना (भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी) और समाज सेविका हैं। ये अंतरिक्ष वैज्ञानिक विक्रम साराभाई की पुत्री हैं।
  • (5) कल्पना चावला: ये अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की प्रथम महिला अंतरिक्षयात्री थीं, जिनका शटल दुर्घटना में निधन हो गया था।
  • (6) पी. टी. ऊषा: ये भारत की एक महान महिला धाविका (एथलीट) हैं। इन्हें दौड़ में अपनी गति के कारण 'पय्योली एक्सप्रेस' और 'उड़नपरी' भी कहा जाता है।

प्र. 4. चित्र के आधार पर काव्य लिखिए :
(चित्र के आधार पर रचित काव्य : गुड़हल/जासूद का फूल)

उत्तर:

लाल-लाल यह प्यारा फूल,
सबके मन को भाता है।
दो हरी पत्तियों के बीच खिला,
प्रकृति की शान बढ़ाता है।

गुड़हल है इस फूल का नाम,
ईश्वर की पूजा में आता काम।
कोमल-कोमल पंखुड़ियाँ इसकी,
सुंदरता का यह है धाम।

प्र. 5. परिच्छेद का शुद्ध रूप से अनुलेखन कीजिए :

उत्तर:

"कुछ नया करने की लगन और उत्साह हो तो लक्ष्य तक पहुँचने से कोई रोक नहीं सकता। बचपन से ही सितारों की सैर का सपना देखनेवाली कल्पना अंतरिक्ष यात्रा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के बाद चाँद पर उतरना चाहती थी। बचपन से ही उसके मन में अंतरिक्ष यात्री बनने की धुन सवार थी। एक बातचीत में कल्पना ने कहा था, 'मैं बचपन से जिस क्षेत्र में जाना चाहती थी, वहाँ पहुँचने के लिए मैंने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया।'"

■ भाषा-सज्जता (पृष्ठ 22)

• उपर्युक्त उदाहरणों के आधार पर निम्नलिखित शब्दों का लिंग परिवर्तन कीजिए :
(साधु, कुतिया, युवक, पुत्र, पड़ोसिन, बाघ, ठाकुर, सन्यासी, सम्राट, वर)

उत्तर:

  • (1) साधु का स्त्रीलिंग - साध्वी
  • (2) कुतिया का पुल्लिंग - कुत्ता
  • (3) युवक का स्त्रीलिंग - युवती
  • (4) पुत्र का स्त्रीलिंग - पुत्री
  • (5) पड़ोसिन का पुल्लिंग - पड़ोसी
  • (6) बाघ का स्त्रीलिंग - बाघिन
  • (7) ठाकुर का स्त्रीलिंग - ठकुराइन
  • (8) सन्यासी का स्त्रीलिंग - सन्यासिनी
  • (9) सम्राट का स्त्रीलिंग - साम्राज्ञी
  • (10) वर का स्त्रीलिंग - वधू

■ योग्यता-विस्तार (पृष्ठ 22 - प्रवृत्तियाँ)

(1) अपनी लाइब्रेरी में से पुस्तक लेकर अन्य अंतरिक्षयात्रियों के बारे में जानकारी प्राप्त कीजिए।

उत्तर: (छात्रों के लिए प्रवृत्ति का आलेख) अंतरिक्ष यात्रा के इतिहास में कई महान यात्री हुए हैं। यूरी गागरिन (रूस) दुनिया के पहले व्यक्ति थे जो 1961 में अंतरिक्ष में गए। नील आर्मस्ट्रॉन्ग (अमरीका) चाँद की सतह पर कदम रखने वाले पहले इंसान थे। राकेश शर्मा 1984 में अंतरिक्ष में जाने वाले भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री बने थे।

(2) तुम्हारे आसपास भी ऐसी कई महिलाएँ होंगी जिन्होंने किसी न किसी क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया होगा। उनके बारे में पता करें और लिखें।

उत्तर: (छात्र के परिवेश आधारित संभावित उत्तर) हमारे शहर में 'सरिता बहन' नाम की एक महिला हैं, जो एक साधारण परिवार से आती हैं। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से उच्च शिक्षा प्राप्त की और आज वे एक बहुत सफल डॉक्टर (सर्जन) बनकर गरीब लोगों का मुफ्त इलाज कर रही हैं। समाज सेवा के इस उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें राज्य सरकार द्वारा कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। उनका जीवन हम सबके लिए प्रेरणादायक है।

(3) लाइब्रेरी से निम्नलिखित वैज्ञानिक जैसे कि जगदीश चन्द्र बोस, अब्दुल कलाम, डॉ. सी.वी.रामन, मेडम क्युरी, साम पित्रोडा के बारे में जानकारी संकलित करके उसे छात्रों को सुनाइए और विस्तार से समझाइए।

उत्तर: (कक्षा-प्रवृत्ति के लिए संकलन)

  • (1) जगदीश चन्द्र बोस: इन्होंने रेडियो तरंगों और माइक्रोवेव का आविष्कार किया और दुनिया को पहली बार सिद्ध करके दिखाया कि पेड़-पौधों में भी जीवन (जान) होता है।
  • (2) अब्दुल कलाम: डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम को भारत का 'मिसाइल मैन' कहा जाता है। वे भारत के 11वें राष्ट्रपति थे और उन्होंने देश के रक्षा तथा अंतरिक्ष कार्यक्रमों में अमूल्य योगदान दिया।
  • (3) डॉ. सी. वी. रामन: इन्होंने प्रकाश के प्रकीर्णन (Scattering of light) पर गहरा शोध किया, जिसे 'रामन प्रभाव' (Raman Effect) के नाम से जाना जाता है। इसके लिए उन्हें भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला था।
  • (4) मैडम क्यूरी: इन्होंने रेडियोएक्टिविटी की खोज की और रेडियम तथा पोलोनियम जैसे तत्वों का पता लगाया। ये विज्ञान की दो अलग-अलग शाखाओं (भौतिकी और रसायन) में नोबेल पुरस्कार जीतने वाली दुनिया की एकमात्र महिला हैं।
  • (5) साम पित्रोडा: इन्हें भारत में 'दूरसंचार क्रांति' (Telecom Revolution) का जनक माना जाता है। इन्होंने भारत में टेलीफोन और संचार व्यवस्था को आधुनिक बनाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है।