कक्षा 8 हिंदी पाठ 1 - तेरी है जमीं

पाठ १: तेरी है जमीं

अभ्यास, स्वाध्याय और भाषा-सज्जता

कक्षा 8 हिंदी


■ अभ्यास (पृष्ठ 2 - 3)

प्र. 1. यह प्रार्थना छात्रों को टेपरिकार्डर या मोबाईल के जरिए सुनाइए और इसका समूहगान करवाइए।

उत्तर: (यह छात्रों के लिए एक कक्षा-प्रवृत्ति है।) सभी छात्र टेपरिकॉर्डर या मोबाइल फोन की मदद से 'तेरी है जमीं' प्रार्थना गीत को ध्यान से सुनें और उसके बाद कक्षा में शिक्षक के साथ मिलकर मधुर स्वर में इसका सामूहिक गान करें।

प्र. 2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

(1) आपके मत से सृष्टि में सर्वोपरि कौन है ? क्यों ?

उत्तर: मेरे मत से सृष्टि में सर्वोपरि ईश्वर (खुदा/मालिक) है। क्योंकि उसी की मर्जी से हम इस दुनिया में आए हैं और उसी की कृपा से हमें यह शरीर और प्राण मिले हैं। वह सबसे बड़ी ताकत वाला है और हमारी हर मुश्किल को दूर कर सकता है。

(2) आप भगवान से क्या प्रार्थना करते हैं ?

उत्तर: हम भगवान से यह प्रार्थना करते हैं कि वह हम पर अपनी दया दृष्टि हमेशा बनाए रखे। हम किस हाल में हैं, इसकी वह हमेशा खबर रखे और हमारी रक्षा करे।

(3) आप ईश्वर से प्रार्थना किस समय करते हैं ? क्यों ?

उत्तर: मैं ईश्वर से प्रार्थना सुबह सोकर उठने के बाद और रात को सोने से पहले करता हूँ। इसके अलावा, जब मैं किसी संकट या मुश्किल में होता हूँ, तब भी प्रार्थना करता हूँ, क्योंकि ईश्वर ही हमारी रक्षा करता है और मन को शांति प्रदान करता है。

(4) भिन्न-भिन्न धर्म के लोग प्रार्थना करने के लिए कहाँ-कहाँ जाते हैं ?

उत्तर: भिन्न-भिन्न धर्म के लोग प्रार्थना करने के लिए अपने-अपने अलग-अलग धर्म-स्थानों पर जाते हैं। जैसे - हिन्दू मंदिर में, मुसलमान मस्जिद में, ईसाई चर्च (गिरजाघर) में, सिख गुरुद्वारे में, पारसी अगियारी में और जैन देरासर में प्रार्थना करने जाते हैं।

प्र. 3. निम्नलिखित शब्दों को शब्दकोश-क्रम के अनुसार लिखिए :
(शब्द: हृदय, मनुष्य, सुख, शांति, मित्र, डॉक्टर, दृष्टि, योद्धा, श्रृंखला, नाविक, और, धन, क्षमता, उज्ज्वल, मंदिर, दूध, स्वर, धरा)

उत्तर: हिन्दी शब्दकोश के नियमानुसार शब्दों का क्रम इस प्रकार होगा:

  1. उज्ज्वल
  2. और
  3. क्षमता (क् + ष)
  4. डॉक्टर
  5. दूध (द + ऊ)
  6. दृष्टि (द + ऋ)
  7. धन
  8. धरा
  9. नाविक
  10. मंदिर (म + अं)
  11. मनुष्य (म + अ)
  12. मित्र (म + इ)
  13. योद्धा
  14. शांति
  15. श्रृंखला (श् + र)
  16. सुख (स + उ)
  17. स्वर (स् + व)
  18. हृदय

प्र. 4. इस चित्र की मदद से एक कविता की रचना कीजिए :
(चित्र का अभ्यास करके रचित कविता)

उत्तर:

सूरज निकला, हुआ सवेरा,
दूर हुआ जग का अँधेरा।
चिड़ियाँ गाती हैं मीठे गान,
रंग-बिरंगे फूलों से महका जहान।
सुंदर-सुंदर यह प्रकृति हमारी,
ईश्वर की है यह रचना न्यारी।

प्र. 5. वचन बदलकर वाक्य फिर से लिखिए :

  • (1) मैंने कविता लिखी।
    उत्तर: हमने कविताएँ लिखीं।
  • (2) यह मेरी किताब है।
    उत्तर: ये हमारी किताबें हैं।
  • (3) इसे लड्डू दे दो।
    उत्तर: इन्हें लड्डू दे दो।

■ स्वाध्याय (पृष्ठ 2 - 3)

प्र. 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

(1) कवि ईश्वर से क्या चाहते हैं ?

उत्तर: कवि चाहते हैं कि ईश्वर लोगों पर अपनी कृपा (बख्शीश) करे। वह सभी पर अपनी दया दृष्टि रखे, सब की खबर रखे और अपनी ताकत से लोगों की हर आफत को टाल दे।

(2) 'तू अपनी नज़र हम पर रखना' ऐसा कवि क्यों कहते हैं ?

उत्तर: कवि ऐसा इसलिए कहते हैं क्योंकि यह सारी दुनिया और आसमान उसी ईश्वर का है और हम सब उसी के हैं। उसी की कृपा से हमें यह शरीर और प्राण मिले हैं, इसलिए वह हमारे सुख-दुख में हमारी रक्षा करे और हम पर अपनी नज़र रखे।

(3) कवि किसे सबसे ताकतवाला मानते हैं ? क्यों ?

उत्तर: कवि ईश्वर को सबसे ताकतवाला मानते हैं। क्योंकि ईश्वर सर्वशक्तिमान है, वह चाहे तो किसी को भी जीवन दे सकता है या मार सकता है, और हर प्रकार के संकट और आफत को टालने की शक्ति सिर्फ उसी में है।

(4) कवि खुद से क्या कहना चाहते हैं ?

उत्तर: कवि खुद से और हम सबसे यह कहना चाहते हैं कि हमें अपना सिर हमेशा ईश्वर के आगे झुकाकर खड़े रहना चाहिए और उसी सर्वशक्तिमान की शरण में रहना चाहिए।

प्र. 2. दिए गए भाव के आधार पर काव्य पंक्तियाँ लिखिए :

(1) हे ईश्वर ! तेरी कृपा से मुझे शरीर और प्राण मिले हैं। चाहे जो भी हो, तुम अपनी कृपा दृष्टि हम पर सदा रखना।

उत्तर:

तेरी रहमत से हम सबने, ये जिस्म-ओ-जाँ पाए हैं।
तू अपनी नजर हम पर रखना किस हाल में हैं, ये खबर रखना।

(2) हे प्रभु ! ये सारा संसार तेरा है, तू बड़ा दयालु है। तू हम पर अपनी दया दृष्टि रखना।

उत्तर:

तेरी है जमीं, तेरा आसमान, तू बड़ा मेहरबाँ, तू बख्शीश कर।
सभी का है तू, सभी तेरे, खुदा मेरे, तू बख्शीश कर।

प्र. 3. अपूर्ण काव्य पूर्ण कीजिए :
मेरी प्यारी-प्यारी गाय
घर की राज दुलारी गाय

उत्तर:

जो भी देखे खुश हो जाए,
मीठा-मीठा दूध पिलाए।
चारा खाकर रंभाती है,
सबके मन को भाती है।

प्र. 4. यह गीत हिन्दी फिल्म 'द बर्निंग ट्रेन' से लिया गया है। तुमने इस प्रकार की और भी प्रार्थनाएँ सुनी होंगी । ऐसी ही कोई और प्रार्थना लिखो जो कि किसी फिल्म में हो।

उत्तर: हाँ, फिल्मों में ऐसी और भी कई प्रार्थनाएँ हैं। फिल्म 'अंकुश' की एक बहुत प्रसिद्ध प्रार्थना इस प्रकार है:

इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर हो ना।
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे, भूलकर भी कोई भूल हो ना।
(फिल्म - अंकुश)

प्र. 5. इस प्रार्थना को अपनी मातृभाषा में लिखिए।
(ગુજરાતી માતૃભાષામાં 'तेरी है जमीं' નો અનુવાદ)

उत्तर:

તારી છે જમીન, તારું આસમાન, તું મોટો મહેરબાન, તું બક્ષિસ (કૃપા) કર。
સૌનો છે તું, સૌ તારા છે, ખુદા મારા, તું બક્ષિસ (કૃપા) કર。
તારી મરજીથી હે માલિક, અમે આ દુનિયામાં આવ્યા છીએ。
તારી રહેમતથી (કૃપાથી) અમે સૌએ, આ શરીર અને જીવ (પ્રાણ) મેળવ્યા છે。
તું તારી નજર અમારા પર રાખજે, કયા હાલમાં છીએ, એ ખબર રાખજે。
તું ચાહે તો અમને રાખે, તું ચાહે તો અમને મારે,
તારી આગળ ઝુકાવીને માથું, ઊભા છીએ આજે અમે બધા,
ઓ સૌથી મોટી તાકાતવાળા, તું ચાહે તો દરેક આફત ટાળે。


■ भाषा-सज्जता (पृष्ठ 4 - 7)

प्र. 1. उपर्युक्त नियमों के आधार पर निम्नलिखित शब्दों का वचन परिवर्तन कीजिए।
(અહીં એકવચનમાંથી બહુવચન અને બહુવચનમાંથી એકવચન કરવાના છે)

उत्तर:

  • (1) नदी = नदियाँ
  • (2) किताब = किताबें
  • (3) दरवाजे = दरवाजा
  • (4) कला = कलाएँ
  • (5) कौआ = कौए
  • (6) धातुएँ = धातु
  • (7) सड़कें = सड़क
  • (8) कुत्ता = कुत्ते

प्र. 2. निम्नलिखित उपसर्गों के योग से तीन-तीन शब्द बनाइए :

उत्तर:

  • (1) चौ : चौराहा, चौमासा, चौकोर
  • (2) बिन : बिनबात, बिनब्याहा, बिनमाँगे
  • (3) पर : परदेश, परलोक, परोपकार
  • (4) अन : अनपढ़, अनहोनी, अनजान
  • (5) अध : अधपका, अधमरा, अधजला

प्र. 3. निम्नलिखित शब्दों में प्रयुक्त प्रत्यय ढूँढ़िए :
(શબ્દની પાછળ લાગતા પ્રત્યયને અલગ તારવવાના છે)

उत्तर:

  • (1) मनुष्यता = ता
  • (2) धनवान = वान
  • (3) रसोइया = इया
  • (4) टोकरी =
  • (5) इकहरा = हरा
  • (6) धोखेबाज = बाज
  • (7) बलवती = वती
  • (8) भाग्यवान = वान

■ योग्यता-विस्तार

भिन्न-भिन्न प्रार्थनाओं का संकलन कीजिए।

उत्तर: (यह छात्रों के लिए संकलन प्रवृत्ति है।) छात्र अपनी उत्तरपुस्तिका या प्रोजेक्ट में निम्नलिखित प्रकार की प्रार्थनाएँ संकलित कर सकते हैं:

  • वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्तव्य मार्ग पर डट जावें।
  • ऐ मालिक तेरे बंदे हम, ऐसे हों हमारे करम।
  • दया कर दान विद्या का हमें परमात्मा देना।
  • इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर हो ना।