पाठ ८: दोहा अष्टक
अभ्यास, स्वाध्याय, पुनरावर्तन 2
कक्षा 7 हिंदी
■ अभ्यास के प्रश्नों के उत्तर
प्र. 1. निम्नलिखित प्रश्नों के मौखिक उत्तर दीजिए :
(1) बड़े लोगों की संकुचित मनोस्थिति व्यक्त करने के लिए खजूर के पेड़ का उदाहरण क्यों दिया गया है ?
उत्तर: खजूर का पेड़ बहुत बड़ा और ऊँचा होता है, लेकिन उसकी छाया राहगीरों (पंथियों) को नहीं मिलती और उसके फल भी बहुत दूर (ऊँचाई पर) लगते हैं। इसी तरह, जो लोग केवल धन या रुतबे में बड़े होते हैं लेकिन दूसरों के काम नहीं आते या किसी का भला नहीं करते, उनका बड़प्पन खजूर के पेड़ के समान व्यर्थ है। बड़े लोगों की इसी संकुचित मनोस्थिति (स्वार्थ) को दर्शाने के लिए खजूर के पेड़ का उदाहरण दिया गया है।
(2) साधु पुरुष कैसा होना चाहिए ? क्यों ?
उत्तर: साधु पुरुष सूप (अनाज फटकने का छाज) के समान स्वभाव वाला होना चाहिए। क्योंकि सूप काम की चीज (सार-सार या अनाज) को अपने अंदर रख लेता है और कचरे (थोथा) को बाहर उड़ा देता है। उसी तरह साधु पुरुष को भी समाज की अच्छी बातों को ग्रहण करना चाहिए और बुरी बातों को छोड़ देना चाहिए।
(3) तुलसीदास सब से हिल-मिलकर रहने को क्यों कहते हैं ?
उत्तर: तुलसीदास जी कहते हैं कि इस संसार में भाँति-भाँति के (तरह-तरह के) लोग रहते हैं। मनुष्य का जीवन नदी और नाव के संयोग (साथ) के समान है। जैसे नदी और नाव एक-दूसरे के सहयोग से पार लगते हैं, वैसे ही हमें भी इस संसार रूपी नदी को पार करने के लिए सबसे हिल-मिलकर रहना चाहिए, ताकि जीवन में शांति और सहयोग बना रहे।
(4) आप गरीब लोगों की मदद कैसे कर सकते हैं ?
उत्तर: (यह विद्यार्थी के स्व-अनुभव पर आधारित प्रश्न है।) हम गरीब लोगों की कई तरह से मदद कर सकते हैं, जैसे - उन्हें पुराने कपड़े या भोजन देकर, उनकी शिक्षा के लिए पुरानी किताबें और पेन-पेंसिल देकर, बीमारी में उनके इलाज के लिए पैसे जुटाकर और उन्हें सच्चा सम्मान देकर उनके दुख दूर करने का प्रयास कर सकते हैं।
(5) सज्जन लोग अपनी संपत्ति का उपयोग कैसे करते हैं ?
उत्तर: जैसे पेड़ अपने फल स्वयं नहीं खाते और सरोवर अपना पानी स्वयं नहीं पीते, वैसे ही सज्जन (सुजान) लोग अपनी संपत्ति का संग्रह अपने स्वार्थ के लिए नहीं करते। वे अपनी संपत्ति का उपयोग दूसरों के भले (परकाज) और भलाई के कामों के लिए करते हैं।
प्र. 2. नीचे दिए गए शब्दों में विलोम शब्दों के सही जोड़े बनाइए और उदाहरण के अनुसार वाक्य में प्रयोग कीजिए :
(शब्द: आदर, स्वकाज, बुरा, परकाज, प्रेम, नजदीक, नफ़रत, मृत, अच्छा, अनादर, जीवित, छोटा, दूर, बड़ा, असत्य, सत्य)
उत्तर: (विलोम शब्दों के जोड़े और उनके वाक्य प्रयोग इस प्रकार हैं:)
- (1) सत्य × असत्य (उदाहरण के अनुसार)
वाक्य: गांधीजी सत्य बोलते थे। हमें असत्य नहीं बोलना चाहिए। - (2) आदर × अनादर
वाक्य: हमें हमेशा बड़ों का आदर करना चाहिए। किसी का अनादर करना बुरी बात है। - (3) स्वकाज × परकाज
वाक्य: स्वार्थी व्यक्ति केवल स्वकाज (अपने काम) का ध्यान रखता है। सज्जन लोग परकाज (दूसरों के भले) के लिए धन का संचय करते हैं। - (4) बुरा × अच्छा
वाक्य: हमें किसी के साथ बुरा व्यवहार नहीं करना चाहिए। सबके साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए। - (5) प्रेम × नफ़रत
वाक्य: सबसे प्रेम से बात करनी चाहिए। किसी से नफ़रत नहीं करनी चाहिए। - (6) नजदीक × दूर
वाक्य: मेरा विद्यालय घर के बहुत नजदीक है। रेलवे स्टेशन यहाँ से दूर है। - (7) मृत × जीवित
वाक्य: भयानक दुर्घटना में एक व्यक्ति मृत पाया गया। बाकी सभी लोग जीवित थे। - (8) छोटा × बड़ा
वाक्य: हमें किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए। ईश्वर की नज़र में कोई बड़ा या छोटा नहीं है।
प्र. 3. अंदाज अपना-अपना (कभी-कभी कुछ इलाकों में बारिश बिलकुल भी नहीं होती... तुम अकाल में परेशान लोगों की मदद कैसे करोगे ?)
उत्तर: (यह विद्यार्थियों की अपनी विचारशक्ति पर आधारित प्रवृत्तिमूलक प्रश्न है।) अकाल के समय मैं अपने मित्रों और परिवार के साथ मिलकर अकाल पीड़ित लोगों के लिए भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था करूँगा। लोगों से चंदा (धन) इकट्ठा करके जरूरतमंदों को अनाज और पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने का प्रयास करूँगा। इसके अलावा, सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं (NGOs) को भी वहाँ के हालात की जानकारी देकर मदद के लिए बुलाऊँगा।
प्र. 4. निम्नलिखित दोहों का भावार्थ स्पष्ट कीजिए :
(1)
साधु ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय।
सार-सार को गहि रहे, थोथा देई उड़ाय ॥
भावार्थ: कबीरदास जी कहते हैं कि संसार में साधु (सज्जन) पुरुष का स्वभाव सूप (अनाज साफ करने वाले छाज) के समान होना चाहिए। जिस प्रकार सूप अच्छे अनाज (सार) को अपने अंदर रख लेता है और कचरे (थोथा) को बाहर निकाल देता है, उसी प्रकार सज्जन पुरुष को भी अच्छी और ज्ञान की बातों को ग्रहण करना चाहिए और व्यर्थ की बातों को छोड़ देना चाहिए।
(2)
तुलसी हाय गरीब की, कबहूँ न खाली जाय।
मुए ढोर के चाम से, लौह भस्म हो जाय ॥
भावार्थ: तुलसीदास जी कहते हैं कि कभी भी किसी गरीब या बेबस व्यक्ति को सताना नहीं चाहिए और उसकी हाय (बद्दुआ) नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि गरीब की बद्दुआ कभी खाली नहीं जाती। जिस प्रकार मरे हुए जानवर के चमड़े से बनी धौंकनी की हवा से कठोर लोहा भी जलकर भस्म (राख) हो जाता है, उसी प्रकार गरीब की हाय से उसे सताने वाले का सर्वनाश हो जाता है।
(3)
रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिए डारि।
जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तलवारि ॥
भावार्थ: रहीम जी कहते हैं कि बड़े (ताकतवर या अमीर) लोगों को देखकर कभी छोटे (सामान्य या गरीब) लोगों का त्याग या अनादर नहीं करना चाहिए। क्योंकि जहाँ छोटी सुई काम आती है (जैसे कपड़े सीने में), वहाँ बड़ी तलवार कोई काम नहीं कर सकती। संसार में हर छोटी-बड़ी व्यक्ति और वस्तु का अपना अलग और विशेष महत्त्व होता है।
■ स्वाध्याय के प्रश्नों के उत्तर
प्र. 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(1) साधु कैसा होना चाहिए ?
उत्तर: साधु सूप (अनाज फटकने वाले छाज) के समान स्वभाव वाला होना चाहिए, जो काम की बातें (सार) ग्रहण करे और व्यर्थ की बातों (थोथा) को अपने से दूर कर दे।
(2) कबीर जी लालच को क्यों बुरी चीज कहते हैं ?
उत्तर: कबीर जी लालच को बुरी चीज (बुरी बलाय) कहते हैं क्योंकि लालच में फँसा व्यक्ति उस मक्खी के समान होता है जो गुड़ खाने के लालच में गुड़ पर बैठती है और उसके पंख गुड़ में चिपक जाते हैं। फिर वह कितना भी हाथ मले या सिर धुने (पछताए), वह उड़ नहीं पाती और वहीं तड़प-तड़प कर अपनी जान दे देती है।
(3) तुलसीदास सब से हिल-मिलकर रहने को क्यों कहते हैं ?
उत्तर: तुलसीदास जी कहते हैं कि इस संसार में विभिन्न स्वभाव वाले लोग रहते हैं। जिस तरह नदी और नाव का संयोग होता है, उसी तरह हमारा जीवन भी समाज के सहयोग से चलता है। इसलिए शांति और सुख से जीवन रूपी नदी को पार करने के लिए वे सबसे हिल-मिलकर रहने को कहते हैं।
(4) 'गरीब की हाय' के लिए कौन-सा उदाहरण दिया गया है ?
उत्तर: 'गरीब की हाय' का प्रभाव बताने के लिए तुलसीदास जी ने मरे हुए ढोर (जानवर) के चमड़े से बनी धौंकनी (चाम) का उदाहरण दिया है। वे कहते हैं कि जब मरे हुए जानवर के चमड़े की हवा से मजबूत लोहा भी जलकर भस्म हो जाता है, तो जीवित गरीब व्यक्ति की हाय (बद्दुआ) सताने वाले का नाश कैसे नहीं करेगी!
(5) रहीम प्रेम का धागा तोड़ने के लिए क्यों मना करते हैं ?
उत्तर: रहीम जी प्रेम रूपी धागे को झटके से (चटकाय) तोड़ने के लिए मना करते हैं, क्योंकि प्रेम का धागा बहुत नाजुक होता है। यदि यह एक बार टूट जाए तो फिर जुड़ नहीं पाता, और अगर जुड़ भी जाए तो उसमें पहले जैसी बात नहीं रहती, उसमें हमेशा के लिए दरार रूपी गाँठ पड़ जाती है।
■ भाषा-सज्जता
प्र. 1. नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों को 'प्रश्नवाचक' और 'संबंधवाचक' सर्वनाम में वर्गीकृत कीजिए :
(नोट: यहाँ वाक्यों में प्रयुक्त सर्वनामों को पहचानकर उन्हें उनके प्रकार के अनुसार दो अलग-अलग वर्गों में बाँटना है।)
वाक्य:
- (1) वह कौन आ रहा है ?
- (2) जैसी करनी वैसी भरनी।
- (3) जो चलता रहेगा, वह मंजिल तक पहुँचेगा।
- (4) आज का इनाम किसे मिलेगा ?
- (5) जिसकी मेहनत उसकी सफलता।
- (6) आप क्या ढूँढ़ रहे हैं ?
- (7) किसने कहा आज मेहमान आएँगे ?
उत्तर: वर्गीकरण इस प्रकार है -
- प्रश्नवाचक सर्वनाम : कौन (वाक्य 1), किसे (वाक्य 4), क्या (वाक्य 6), किसने (वाक्य 7)।
- संबंधवाचक सर्वनाम : जैसी-वैसी (वाक्य 2), जो-वह (वाक्य 3), जिसकी-उसकी (वाक्य 5)।
■ पुनरावर्तन 2 (पृष्ठ 48 - 49)
प्र. 1. शब्दकोश में से शब्द के अर्थ खोजिए :
उत्तर:
- मंज़िल = ध्येय / लक्ष्य
- चाम = चमड़ा
- निराला = अनूठा / अनोखा
- तरुवर = श्रेष्ठ पेड़ / वृक्ष
- इरादा = विचार / संकल्प
- तराना = गीत
- भस्म = राख
- सूप = अनाज फटकने का छाज
- चटकाय = शीघ्र / तुरंत / झटके से
- उपाधि = प्रतिष्ठा सूचक पद / खिताब
प्र. 2. (अ) प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(1) सभी धर्मों का सार क्या है ?
उत्तर: सभी धर्मों का सार एक ही है - मनुष्य को सही रास्ते पर ले जाना और भलाई करना।
(2) साधु कैसा होना चाहिए ?
उत्तर: साधु सूप (अनाज फटकने वाले छाज) के समान स्वभाव वाला होना चाहिए, जो काम की बातें (सार) ग्रहण करे और व्यर्थ की बातों को छोड़ दे।
(3) विक्रम साराभाई ने विज्ञान के अलावा किन-किन क्षेत्रों में योगदान दिया ?
उत्तर: विक्रम साराभाई ने विज्ञान के अलावा कला, शिक्षा व समाज के क्षेत्रों में भी अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।
(4) गरीब की हाय के लिए कौन-सा उदाहरण दिया गया है ?
उत्तर: गरीब की हाय के लिए मरे हुए जानवर (ढोर) के चमड़े से बनी धौंकनी का उदाहरण दिया गया है, जिसकी हवा से कठोर लोहा भी जलकर भस्म हो जाता है।
प्र. 2. (ब) प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(1) हमारे देश की विशेषता क्या है ?
उत्तर: हमारे देश की विशेषता 'विविधता में एकता' है। यहाँ अलग-अलग रंग, रूप, वेश (पहनावे) और भाषा वाले लोग रहने के बावजूद भी सभी जन एकसमान हैं।
(2) तुलसीदास सबसे हिल-मिलकर रहने को क्यों कहते हैं ?
उत्तर: तुलसीदास जी कहते हैं कि इस संसार में तरह-तरह के लोग रहते हैं। जीवन रूपी नदी को शांति से पार करने के लिए हमें सबसे हिल-मिलकर रहना चाहिए, जैसे नदी और नाव का संयोग होता है।
(3) विक्रम साराभाई के प्रयासों से अहमदाबाद में कौन-कौन सी संस्थाएँ प्रारंभ हुईं ?
उत्तर: विक्रम साराभाई के प्रयासों से अहमदाबाद में 'भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला', 'लोकविज्ञान केन्द्र', 'नेहरू विकास संस्थान' तथा 'टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज रिसर्च एसोसिएशन' (ATIRA) जैसी संस्थाएँ प्रारंभ हुईं।
(4) माला में कौन-कौन से फूल एक रूप हुए हैं ?
उत्तर: माला में बेला, गुलाब, जूही, चंपा और चमेली के अलग-अलग फूल गूँथे जाने पर एक रूप हुए हैं।
प्र. 3. परिच्छेद में योग्य विराम चिह्न लगाइए :
उत्तर: इस पर जीर्णधन बोला, "अरे सत्यवादी सेठ ! यदि बाज तेरे लड़के को उठाकर नहीं ले जा सकता है, तो मेरी हजार भार की तुला को चूहे कैसे खा सकते हैं ? अगर तू अपने बेटे को चाहता है, तो पहले मुझे मेरा तराजू वापस कर दे।"
प्र. 4. शब्दों को उचित क्रम में रखकर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए :
उत्तर:
- (1) हम नदी के किनारे बैठे थे।
- (2) पेड़ के ऊपर कितने बंदर हैं ?
- (3) किसी नगर में एक वणिक रहता था।
- (4) इन्हें इनका लूटा हुआ माल-सामान वापस कर दो।
- (5) सारी दुनिया उनकी इज्जत करती थी।
प्र. 5. नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों के लिंग परिवर्तन करके विधान फिर से लिखिए :
(नोट: कर्ता का लिंग बदलने पर क्रिया में भी आवश्यक परिवर्तन किया गया है।)
उत्तर:
- (1) आज शिक्षिका निलेश से कुछ बात कर रही थीं।
- (2) वह लेखिका बनना चाहती है।
- (3) नौकरानी आज बहुत ही देर से आई।
- (4) नयी महिला डॉक्टर बहुत अच्छी हैं। (डॉक्टर का स्त्रीलिंग सामान्यतः लेडी डॉक्टर या महिला डॉक्टर होता है)
- (5) लड़कियाँ क्रिकेट खेल रही हैं।
■ मौखिक कसौटी (पृष्ठ 49)
प्र. 1. शिक्षक छात्रों से निम्नलिखित प्रश्नों के मौखिक उत्तर पूछेंगे :
(1) चिड़ियाँ कब खुशी के गीत गाती हैं ?
उत्तर: बहुत सुबह (प्रातःकाल) जब चिड़ियाँ उठती हैं, तब वे खुशी के गीत गाती हैं।
(2) सुबह होते ही क्या-क्या होता है ?
उत्तर: सुबह होते ही चिड़ियाँ चहचहाने लगती हैं, कलियाँ अपनी पंखुड़ियाँ खोलकर खिलने लगती हैं और फूलों की खुशबू घर से बाहर निकलकर चारों ओर फैलने लगती है।
(3) कुत्ते को वफादार प्राणी क्यों कहा गया है ?
उत्तर: कुत्ते को वफादार प्राणी कहा गया है क्योंकि वह अपने मालिक के प्रति हमेशा निष्ठावान रहता है और जान की बाजी लगाकर भी मालिक के जान-माल की रक्षा करता है।
(4) सभी नदियाँ कब एक होती हैं ?
उत्तर: अलग-अलग स्थानों से बहती हुई सभी नदियाँ जब अंत में सागर में जाकर मिलती हैं, तब वे एक हो जाती हैं।
(5) साधु पुरुष कैसा होना चाहिए ? क्यों ?
उत्तर: साधु पुरुष सूप (छाज) के समान होना चाहिए, क्योंकि जिस तरह सूप अच्छे अनाज को रख लेता है और कचरे को उड़ा देता है, वैसे ही साधु भी अच्छी बातों को ग्रहण करता है और व्यर्थ की बातों को छोड़ देता है।
प्र. 2. शिक्षक छात्रों को निम्नलिखित कविताओं में से किसी एक कविता का गान करवाएँगे :
उत्तर: (यह एक प्रवृत्तिमूलक कार्य है, जिसमें विद्यार्थियों को कक्षा में 'तब याद तुम्हारी आती है' या 'हिन्द देश के निवासी' कविता का लयबद्ध गान करना है।)
प्र. 3. शिक्षक छात्रों को नीचे दिए गए शब्दों के समानार्थी शब्द कोष्ठक में से ढूँढ़कर उदाहरण के अनुसार वाक्य प्रयोग करवाएँगे :
(शब्द: जल, सूरज, सुबह, खुशबू, खुशी, वन)
उत्तर:
- (1) जल = पानी → वाक्य: पानी ही जीवन का आधार है।
- (2) सूरज = सूर्य / प्रातः / रवि → वाक्य: सूर्य पूर्व दिशा में उगता है।
- (3) सुबह = प्रातःकाल → वाक्य: प्रातःकाल टहलना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है।
- (4) खुशबू = सुगंध → वाक्य: गुलाब के फूल की सुगंध सबको अच्छी लगती है।
- (5) खुशी = आनंद → वाक्य: परीक्षा में प्रथम आने पर मुझे बहुत आनंद हुआ।
- (6) वन = जंगल → वाक्य: शेर जंगल का राजा कहलाता है।
प्र. 4. निम्नलिखित शब्दपत्तों को उचित क्रम में रखकर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए :
उत्तर:
- (1) गुजरात की राजधानी गांधीनगर है।
- (2) रविशंकर महाराज हमारे मूक सेवक थे।
- (3) मोर हमारा राष्ट्रीय पक्षी है और बाघ राष्ट्रीय प्राणी है।
- (4) गांधीजी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 में पोरबंदर में हुआ था।
प्र. 5. अमित को बिजली का करंट लग जाने पर उसे अस्पताल में ले जाया गया। ऐसी घटना दुबारा न घटे इसके लिए आप अपने सुझाव दीजिए।
उत्तर: (सुझाव इस प्रकार हैं:)
- बिजली के उपकरण या स्विच को कभी भी गीले हाथों से नहीं छूना चाहिए।
- कटे-फटे या खुले तारों को तुरंत बदल देना चाहिए।
- बिजली का काम करते समय रबर के दस्ताने और जूते पहनने चाहिए।
- करंट लगने की स्थिति में सबसे पहले मेन स्विच (Main Switch) बंद कर देना चाहिए।
■ क्रियात्मक कसौटी (पृष्ठ 50 - 51)
प्र. 1. निम्नलिखित शब्द कार्ड के शब्दों के लिंग पहचान कर पुल्लिंग-स्त्रीलिंग शब्दों की जोड़ बनाइए :
उत्तर:
- राजा - रानी
- ग्वाला - ग्वालिन
- सेठ - सेठानी
- बनजारा - बनजारिन
प्र. 2. निम्नलिखित शब्दों का अर्थ शब्दकोश में से ढूँढ़कर बताइए।
उत्तर:
- ढोना = बोझ उठाना
- सूद = ब्याज
- पंथ = रास्ता / मार्ग
- ढेरों = बहुत / अधिक
- मोल = मूल्य / कीमत
प्र. 3. श्यामपट्ट के कोष्ठक में दिए शब्दों को उचित क्रम में रखकर वाक्य बनाइए।
उत्तर:
- (1) जल ही जीवन है।
- (2) अखबार पढ़ना अच्छी बात है।
- (3) मोर राष्ट्रीय पक्षी है। (या भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर है।)
- (4) भारत 2011 का क्रिकेट वर्ल्डकप वर्ल्ड चेम्पियन बना। (या हमारा देश 2011 का क्रिकेट वर्ल्डकप वर्ल्ड चेम्पियन बना।)
प्र. 4. निम्नलिखित शब्द-पत्तों को विरुद्धार्थी शब्दों की जोड़ में रखिए और वाक्य बनाइए :
उत्तर:
- (1) सुबह × शाम → वाक्य: मैं सुबह-शाम ईश्वर की प्रार्थना करता हूँ।
- (2) दिन × रात → वाक्य: किसान अपने खेत में दिन-रात मेहनत करता है।
- (3) प्रारंभ × अंत → वाक्य: हर अच्छे काम का प्रारंभ और अंत अच्छा ही होता है।
- (4) दोषी × निर्दोष → वाक्य: न्यायाधीश ने निर्दोष को छोड़ दिया और दोषी को सजा दी।
- (5) भलाई × बुराई → वाक्य: हमें बुराई का त्याग कर भलाई के रास्ते पर चलना चाहिए।
- (6) अच्छा × बुरा → वाक्य: हमें हमेशा अच्छा व्यवहार करना चाहिए, बुरा नहीं।
- (7) नियमित × अनियमित → वाक्य: हमें अपने काम में नियमित रहना चाहिए, अनियमित नहीं।
- (8) पालतू × जंगली → वाक्य: कुत्ता एक पालतू जानवर है, जबकि शेर जंगली जानवर है।
- (9) सरल × कठिन → वाक्य: निरंतर अभ्यास से कठिन काम भी सरल हो जाता है।
- (10) कम × ज्यादा → वाक्य: हमें ज्यादा सुनना चाहिए और कम बोलना चाहिए।
प्र. 5. काव्यपंक्ति एवं भावार्थ आधारित पट्टियों की सही जोड़ मिलाकर पढ़िए :
उत्तर:
- (1) कलियाँ दरवाजे खोल-खोल जब दुनिया पर मुसकाती हैं। → भावार्थ: कलियाँ दरवाज़े खोलकर दुनिया पर मुसकाती है।
- (2) जब छम-छम बूँदें गिरती हैं, बिजली चम-चम कर जाती है। → भावार्थ: छम-छम बूँदें गिरती हैं और बिजली चमकती है।
- (3) जब ठंडी-ठंडी हवा कहीं से मस्ती ढोकर लाती है। → भावार्थ: ठंडी हवा अपने साथ मस्ती लाती है।
■ लिखित कसौटी (पृष्ठ 51 - 52)
प्र. 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
(1) कौन-कौन सी नदियाँ सागर में मिलती हैं ?
उत्तर: गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, कृष्णा और कावेरी जैसी बड़ी-बड़ी नदियाँ सागर में मिलती हैं।
(2) हरियाली कहाँ-कहाँ दिखाई देती है ?
उत्तर: वर्षा ऋतु में हरियाली मैदानों में, वनों (जंगलों) में और बागों (बगीचों) में दिखाई देती है।
(3) सेठ ने कुत्ते को क्यों मुक्त कर दिया ?
उत्तर: कुत्ते ने सेठ का चोरी हुआ माल वापस ढूँढ़ने में मदद की थी, उसकी इसी वफादारी पर मुग्ध होकर सेठ ने खुश होकर उसे मुक्त कर दिया।
(4) माला में कौन-कौन से फूल एक रूप हैं ?
उत्तर: माला में बेला, गुलाब, जूही, चंपा और चमेली के फूल गूँथे जाने पर एक रूप हैं।
(5) साधु कैसा होना चाहिए ?
उत्तर: साधु सूप (अनाज फटकने वाले छाज) के समान स्वभाव वाला होना चाहिए, जो काम की बातें (सार) ग्रहण करे और व्यर्थ की बातों (थोथा) को उड़ा दे।
प्र. 2. निम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम चिह्न लगाइए :
उत्तर:
- (1) चिड़ियाँ कब खुशी के गीत गाती हैं ?
- (2) जल ही जीवन है ।
- (3) नर्मदा, तापी, साबरमती, महिसागर आदि गुजरात की बड़ी नदियाँ हैं ।
- (4) वाह ! कितना सुन्दर दृश्य है !
- (5) सेठ बोले, "कुत्ते भाई, जाओ तुम अपने मालिक लाखा बनजारा के पास, तुम मुक्त हो ।"
प्र. 3. नीचे दिए शब्द के आधार पर पहेली बनाइए : (कागज, जीवन)
उत्तर:
(कागज पर पहेली:)
मुझ पर लिखते बच्चे सारे,
ज्ञान की बातें मुझसे पाते।
रंग-बिरंगे रूप में आता,
बताओ मैं क्या कहलाता ?
(उत्तर: कागज)
(जीवन पर पहेली:)
साँसों की डोरी से बँधा हूँ,
सुख और दुख का मैं हूँ मेला।
बिन मेरे सब कुछ है सूना,
बताओ क्या है मेरा नाम अलबेला ?
(उत्तर: जीवन)
प्र. 4. मोबाइल का उपयोग जीवन में 'लाभदायी' है या 'हानिकारक'? क्यों ? अपने विचार लिखिए।
उत्तर: मोबाइल का उपयोग 'लाभदायी' और 'हानिकारक' दोनों है।
लाभदायी: इससे हम दूर बैठे अपने रिश्तेदारों से बात कर सकते हैं, इंटरनेट के माध्यम से दुनिया भर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और पढ़ाई में मदद ले सकते हैं।
हानिकारक: ज्यादा समय तक मोबाइल की स्क्रीन देखने से आँखों पर बुरा असर पड़ता है, समय की बर्बादी होती है, और बाहर के खेल न खेलने से बच्चों का स्वास्थ्य बिगड़ता है। इसलिए मोबाइल का उपयोग जरूरत पड़ने पर ही सीमित मात्रा में करना चाहिए।
प्र. 5. निम्नलिखित संज्ञा शब्दों को कोष्ठक में उचित स्थान पर रखिए :
(भारत, ईमानदारी, दूध, हिमालय, तेल, भीड़, नदी, पर्वत, नर्मदा, पेड़, बुराई, सेना, झुंड)
उत्तर:
- व्यक्तिवाचक संज्ञा: भारत, हिमालय, नर्मदा
- जातिवाचक संज्ञा: नदी, पर्वत, पेड़
- द्रव्यवाचक संज्ञा: दूध, तेल
- भाववाचक संज्ञा: ईमानदारी, बुराई
- समूहवाचक संज्ञा: भीड़, सेना, झुंड