पाठ ६: सुबह
अभ्यास और स्वाध्याय
कक्षा 6 हिंदी
अभ्यास (पेज 39 से 40)
प्र. 1. उदाहरण के अनुसार निम्नलिखित शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए : (उदाहरण : मंडराना - आकाश में काले-काले बादल मंडराने लगे।)
उत्तर:
- (1) बाधा : रेशमा की शारीरिक विकलांगता उसके मज़बूत इरादों में कभी बाधा नहीं बनी।
- (2) उत्सुकता : घर में हो रही साफ-सफाई देखकर रेशमा ने उत्सुकता से अपनी माँ से प्रश्न पूछा।
- (3) दृढ़ता : बाज़ार से सामान लाने की बात करते समय रेशमा की आवाज़ में बहुत दृढ़ता थी।
- (4) बुजुर्ग : हमें अपने घर और समाज के सभी बुजुर्ग लोगों का हमेशा सम्मान करना चाहिए।
- (5) व्यस्त : सुबह-सुबह घर के सभी लोग दीवाली की सफाई के काम में व्यस्त थे।
प्र. 2. (अ) प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(1) "दीदी, आपका यह धमाकेदार धक्का मुझे हमेशा याद रहेगा।" - गोलू ने रेशमा से ऐसा क्यों कहा ?
उत्तर: गोलू के पीछे एक पटाखा पड़ा था जिसे वह बुझा हुआ समझ रहा था, लेकिन उसमें से चिनगारियाँ निकल रही थीं। रेशमा ने यह देखकर गोलू को बचाने के लिए अपनी पहिएवाली कुरसी को तेज़ी से धकेला और गोलू को ज़ोर का धक्का दिया। रेशमा के this धक्के के कारण गोलू पटाखे से जलने से बच गया। इसलिए गोलू ने मज़ाक करते हुए रेशमा से ऐसा कहा।
(2) रेशमा की शारीरिक कमी उसके इरादों में कभी बाधा नहीं बनी - भाव समझाइए।
उत्तर: रेशमा बचपन से ही पोलियो के कारण विकलांग थी और उसके दोनों पैर काम नहीं करते थे। फिर भी वह कभी निराश नहीं हुई। वह अपने सारे काम स्वयं करती थी और उसने परिवार पर निर्भर रहना छोड़ दिया था। उसने अपनी माँ के काम में हाथ बँटाया, अकेले बाज़ार जाकर सामान लाया और अपनी सूझ-बूझ से अपने भाई गोलू की जान बचाई। इन सभी बातों से सिद्ध होता है कि शारीरिक कमी उसके मज़बूत इरादों को कभी रोक नहीं पाई।
प्र. 2. (ब) यदि आपकी कक्षा में रेशमा की तरह कोई बच्चा दाखिला ले, तो आप...
(1) किन-किन बातों का ध्यान रखेंगे ?
उत्तर: हम इस बात का विशेष ध्यान रखेंगे कि उसे विद्यालय में आने-जाने, कक्षा में बैठने या किसी भी काम में कोई परेशानी न हो। हम यह भी ध्यान रखेंगे कि हमारे किसी शब्द या व्यवहार से उसकी भावनाओं को ठेस न पहुँचे।
(2) किस तरह उसकी सहायता करेंगे ?
उत्तर: हम उसे पहिएवाली कुरसी (व्हीलचेयर) पर कक्षा में लाने और ले जाने में मदद करेंगे। उसकी पढ़ाई में उसकी पूरी सहायता करेंगे और उसे हर खेल व गतिविधि में शामिल करके उसका आत्मविश्वास बढ़ाएँगे।
(3) विद्यालय में क्या परिवर्तन करना चाहेंगे ?
उत्तर: हम प्रधानाचार्य से अनुरोध करेंगे कि विद्यालय में सीढ़ियों के साथ-साथ रैंप (ढलान वाला रास्ता) भी बनाया जाए, ताकि उसकी कुरसी आसानी से ऊपर-नीचे आ-जा सके। इसके अलावा, शौचालय भी उनकी सुविधा के अनुसार बनवाने का प्रयास करेंगे।
(4) बाकी बच्चों को क्या सलाह देंगे ?
उत्तर: हम बाकी बच्चों को यह सलाह देंगे कि वे उसके साथ बिल्कुल सामान्य और मित्रतापूर्ण व्यवहार करें। उसे कभी अकेला या कमज़ोर महसूस न होने दें और हर कदम पर उसकी हिम्मत बढ़ाएँ।
प्र. 3. सोचकर बताइए :
(1) दीपावली पर आपके परिवार में क्या-क्या विशेष तैयारियाँ की जाती हैं ?
उत्तर: दीपावली पर हमारे घर की अच्छी तरह से साफ-सफाई की जाती है। घर को रंगोली, दीयों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जाता है। नए कपड़े खरीदे जाते हैं और खाने के लिए तरह-तरह की मिठाइयाँ तथा स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं।
(2) क्या दीपावली पर पटाखे छुड़ाने चाहिए ? क्यों ?
उत्तर: दीपावली पर हमें अधिक पटाखे नहीं छुड़ाने चाहिए। क्योंकि पटाखों से बहुत अधिक वायु प्रदूषण (धुआँ) और ध्वनि प्रदूषण (शोर) होता है। इसके तेज़ शोर और धुएँ से बुजुर्गों, बीमार लोगों और छोटे बच्चों को परेशानी होती है। इसके अलावा आग लगने और जलने का भी खतरा रहता है।
(3) किसी ऐसी घटना का वर्णन कीजिए जब आपको किसी ने बचाया हो या आपने किसी की सहायता की हो।
उत्तर: एक बार मैं अपने मित्रों के साथ सड़क पार कर रहा था। तभी अचानक एक तेज़ रफ़्तार कार मेरी तरफ आ गई। मैं घबराकर वहीं रुक गया। उसी समय मेरे मित्र ने फुर्ती से मेरा हाथ पकड़कर मुझे अपनी तरफ खींच लिया। इस तरह मेरे मित्र ने सही समय पर मेरी जान बचाकर मेरी सहायता की।
स्वाध्याय (पेज 40 से 41)
प्र. 1. प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(1) सुबह से घर के सभी लोग सफाई क्यों कर रहे थे ?
उत्तर: दीपावली का त्योहार आने वाला था, इसलिए त्योहार का आनंद लेने के लिए सुबह-सुबह घर के सभी लोग साफ-सफाई के काम में जुटे थे।
(2) रेशमा को घर की सफाई में क्यों नहीं लगाया गया होगा ?
उत्तर: रेशमा के दोनों पैर पोलियो के कारण बेजान हो गए थे और वह पहिएवाली कुरसी पर चलती थी। उसकी इसी शारीरिक विकलांगता के कारण उसे घर की सफाई के काम में नहीं लगाया गया होगा।
(3) रेशमा ने अपनी माँ के काम में किस तरह मदद की ?
उत्तर: रेशमा ने रसोईघर में बरतन और डिब्बों पर लेबल लगा-लगाकर अपनी माँ को पकड़ाए, जिससे माँ उन्हें व्यवस्थित ढंग से सजा सकीं।
(4) माँ ने रेशमा को बाज़ार क्यों भेजा ?
उत्तर: माँ को लड्डू बनाने के लिए कुछ ज़रूरी सामान चाहिए था। पिताजी दफ़्तर चले गए थे, दादा-दादी बुजुर्ग थे और भाई गोलू बहुत छोटा था। घर में सामान लाने वाला कोई नहीं था, इसलिए माँ ने रेशमा को सामान लेने बाज़ार भेजा।
(5) रेशमा ने गोलू को धक्का क्यों मारा ?
उत्तर: गोलू की पीठ के पीछे एक पटाखा पड़ा था जो बुझा नहीं था और उसमें से चिनगारियाँ निकल रही थीं। गोलू को उस पटाखे से जलने से बचाने के लिए रेशमा ने तेज़ी से अपनी कुरसी को धकेला और गोलू को ज़ोर का धक्का मारा।
प्र. 2. 'रेशमा की जिंदादिली' विषय पर संक्षेप में लिखिए।
उत्तर: रेशमा बचपन से ही पोलियो के कारण शारीरिक रूप से विकलांग थी। परंतु उसने कभी इसे अपनी कमज़ोरी नहीं माना। वह अपने सभी काम स्वयं करती थी। उसने घर की सफाई में माँ की मदद की और अकेले बाज़ार जाकर सारा सामान भी ले आई। जब उसके भाई गोलू की जान खतरे में थी, तो उसने अपनी जान की परवाह किए बिना अपनी फुर्ती से उसे बचा लिया। वह हर दिन एक नए इरादे के साथ जीती थी। ये सब बातें रेशमा की सच्ची जिंदादिली और बहादुरी को दर्शाती हैं।
प्र. 3. नीचे दी गई घटनाओं को कहानी के क्रम में लिखिए :
उत्तर: सही क्रम इस प्रकार है -
- (1) (3) रेशमा बाज़ार से सामान लाई।
- (2) (4) रेशमा का घर दीयों के झिलमिल प्रकाश से जगमगाने लगा।
- (3) (5) गोलू अपने दोस्तों के साथ पटाखे छुड़ाने में मग्न (मस्त) था।
- (4) (2) रेशमा ने गोलू को ज़ोर से धक्का मारा।
- (5) (6) माँ ने रेशमा को कहा - "कहीं चोट तो नहीं लगी ?"
- (6) (1) सबने रेशमा की पीठ थपथपाई।
प्र. 4. (अ) निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
उत्तर:
- (1) आँखों का तारा होना
अर्थ: बहुत प्यारा होना।
वाक्य: रेशमा अपने परिवार के सभी सदस्यों की आँखों का तारा है। - (2) हाथ बँटाना
अर्थ: काम में मदद करना।
वाक्य: रेशमा ने रसोईघर की सफाई में अपनी माँ का हाथ बँटाया। - (3) पीठ थपथपाना
अर्थ: शाबाशी देना।
वाक्य: गोलू की जान बचाने के साहस भरे काम के लिए सबने रेशमा की पीठ थपथपाई।
प्र. 5. उदाहरण के अनुसार शब्द का उपयोग करके वाक्य लिखिए :
(उदाहरण : कि- की। उसने कहा कि वह निर्दोष है। मैंने नवीन की सहायता की।)
उत्तर:
- (1) इसलिए - ताकि
इसलिए: रमेश को बहुत तेज़ बुखार था, इसलिए वह आज स्कूल नहीं गया。
ताकि: मैं रोज़ सुबह जल्दी उठता हूँ, ताकि अपना सारा काम समय पर पूरा कर सकूँ। - (2) क्योंकि - जबकि
क्योंकि: आज मैं खेलने नहीं जाऊँगा, क्योंकि मुझे बहुत सारा काम पूरा करना है。
जबकि: राम पढ़ाई में बहुत होशियार है, जबकि उसका छोटा भाई पढ़ाई में कमज़ोर है। - (3) ओर - और
ओर: किसान अपने बैलों को लेकर खेत की ओर जा रहा है。
और: राम और श्याम दोनों बहुत अच्छे मित्र हैं। - (4) मैं - में
मैं: कल मैं अपने परिवार के साथ मेला देखने जाऊँगा。
में: पिताजी कमरे में बैठकर अखबार पढ़ रहे हैं।
प्र. 6. (अ) नीचे दिए गए वाक्यों का वचन परिवर्तन कीजिए :
उत्तर:
- (1) ऐसी कई घटनाएँ मेरे साथ घटी हैं। (बहुवचन से एकवचन)
उत्तर: ऐसी एक घटना मेरे साथ घटी है। - (2) परिचारिका ने मरीज़ की अच्छी तरह से देखभाल की। (एकवचन से बहुवचन)
उत्तर: परिचारिकाओं ने मरीज़ों की अच्छी तरह से देखभाल की। - (3) रात को मैंने सुंदर सपना देखा। (एकवचन से बहुवचन)
उत्तर: रात को हमने सुंदर सपने देखे। - (4) भूकंप का झटका आया, फिर भी मैं नहीं घबराया। (एकवचन से बहुवचन)
उत्तर: भूकंप के झटके आए, फिर भी हम नहीं घबराए।
प्र. 6. (ब) नीचे दिए गए शब्दों को चित्र में शब्द के क्रमानुसार (शब्दकोश के क्रम में) लिखिए :
(शब्द: मेहनत, भूकंप, सुंदर, मरीज, श्रेष्ठ, निर्दोष, तूफ़ान, अंगूर, आकाश)
उत्तर: शब्दकोश के क्रमानुसार सही क्रम इस प्रकार है:
- अंगूर
- आकाश
- तूफ़ान
- निर्दोष
- भूकंप
- मरीज
- मेहनत
- श्रेष्ठ
- सुंदर
भाषा-सज्जता (पेज 42)
• निम्नलिखित वाक्यों में से विशेषण छाँटिए :
उत्तर:
- (1) रेशमा हिम्मती लड़की है। विशेषण ➔ हिम्मती
- (2) छोटा बच्चा फिसल गया। विशेषण ➔ छोटा
- (3) कक्षा में दस लड़कियाँ बैठी हैं। विशेषण ➔ दस
- (4) उसकी हर सुबह नई सुबह होती है। विशेषण ➔ हर, नई
- (5) कुत्ता वफादार प्राणी है। विशेषण ➔ वफादार
योग्यता-विस्तार (पेज 43)
छात्रों के लिए: पटाखे न जलाने के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए एक विज्ञापन या पोस्टर बनाइए।
उत्तर: पोस्टर का प्रारूप:
"दीपावली मनाएँ, पर्यावरण बचाएँ!"
पटाखों को कहें 'ना'!
पटाखों से होता है जानलेवा धुआँ और भयंकर शोर।
बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बेज़ुबान जानवरों को होती है परेशानी।
प्रदूषण भगाएँ, स्वच्छ और शुद्ध हवा लाएँ。
(यहाँ एक जलते हुए पटाखे का चित्र बनाएँ जिस पर लाल रंग से क्रॉस [X] का निशान हो। उसके पास ही कुछ जलते हुए सुंदर दीयों का चित्र बनाएँ।)