कक्षा 6 हिंदी पाठ 5 - धरती को महकाएँ

पाठ ५: धरती को महकाएँ

अभ्यास और स्वाध्याय

कक्षा 6 हिंदी


अभ्यास (पेज 33 से 34)

प्र. 1. इस काव्य को टेपरिकार्डर द्वारा सुनिए और सामूहिक तथा व्यक्तिगत गान करवाइए।

उत्तर: (यह विद्यार्थियों के लिए एक श्रवण और गान प्रवृत्ति है।) शिक्षक कक्षा में टेपरिकार्डर के माध्यम से 'धरती को महकाएँ' काव्य सुनाएँगे और सभी विद्यार्थी पहले सामूहिक रूप से (एक साथ) और फिर व्यक्तिगत रूप से (अकेले) इसका सुरीला गान करेंगे।

प्र. 2. अंदाज अपना-अपना :

(1) यदि सूरज न निकलता तो...

उत्तर: यदि सूरज न निकलता, तो पूरी धरती पर हमेशा अँधेरा छाया रहता। सूरज की रोशनी के बिना पेड़-पौधे अपना भोजन नहीं बना पाते और पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं होता। चारों ओर भयंकर ठंड होती।

(2) यदि बगीचे में पेड़ चलते होते तो...

उत्तर: यदि बगीचे में पेड़ चलते होते, तो बड़ा मज़ा आता! वे एक जगह से दूसरी जगह घूम सकते थे। हम अपने मनपसंद फलों के पेड़ को अपने घर के पास बुला सकते थे और वे जहाँ जाते, वहाँ मीठे फल, छाया और हरियाली फैलाते।

(3) यदि दीपक बोलता तो...

उत्तर: यदि दीपक बोलता, तो वह हमें बताता कि दूसरों को प्रकाश देने के लिए उसे खुद कितनी जलन और पीड़ा सहनी पड़ती है। वह हमें यह भी सिखाता कि कष्ट सहकर भी दूसरों का भला कैसे किया जाता है।

(4) यदि पेड़ - पौधे न होते तो...

उत्तर: यदि पेड़-पौधे न होते, तो हमें साँस लेने के लिए शुद्ध हवा (ऑक्सीजन) नहीं मिलती। खाने के लिए फल, अनाज और सब्जियाँ नहीं मिलतीं। दुनिया में चारों ओर सूखा होता और कोई भी प्राणी जीवित नहीं रह पाता।

प्र. 3. प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

(1) आपके आसपास में कौन-कौन से फूल दिखाई देते हैं?

उत्तर: मेरे आसपास में गुलाब, गेंदा, चमेली, सूरजमुखी, जासूद (गुड़हल) और मोगरा जैसे कई सुंदर फूल दिखाई देते हैं।

(2) प्रकृति के तत्त्व कौन-कौन से हैं ?

उत्तर: सूरज, चाँद, सितारे, धरती, आसमान, हवा, पानी, नदियाँ, पहाड़, पेड़-पौधे और पशु-पक्षी आदि प्रकृति के प्रमुख तत्त्व हैं।

(3) प्रकृति से हमें क्या-क्या मिलता हैं ?

उत्तर: प्रकृति से हमें पीने के लिए मीठा पानी, साँस लेने के लिए शुद्ध हवा, खाने के लिए फल, सब्जियाँ और अनाज, तथा सूरज से प्रकाश और गर्मी मिलती है।

प्र. 4. जोड़ मिलाइए :

उत्तर: (काव्य के आधार पर सही जोड़)

  • (1) फूल = खुशबू देना
  • (2) सूरज = अँधेरा हरना (तथा गर्मी देना)
  • (3) दीपक = रोशनी देना / अँधेरा हरना
  • (4) मानव = अच्छे-अच्छे काम करना

प्र. 5. (अ) नीचे दिए गए शब्दों के समानार्थी शब्द कविता में से ढूँढ़कर वाक्य प्रयोग कीजिए :
(शब्द: पुष्प, रवि, भूमि, मानव, दीया)

उत्तर:

  • (1) पुष्प = फूल : बगीचे में बहुत सुंदर फूल खिले हैं।
  • (2) रवि = सूरज : सुबह सूरज निकलते ही चारों ओर उजाला हो जाता है।
  • (3) भूमि = धरती : बारिश होने के बाद हमारी धरती बहुत सुंदर लगती है।
  • (4) मानव = इंसां : हमें एक अच्छा इंसां बनकर इस जग में अपना नाम कमाना चाहिए।
  • (5) दीया = दीपक : रात के अँधेरे में दीपक प्रकाश फैलाता है।

प्र. 5. (ब) चित्र के आधार पर पाँच - छ : वाक्य लिखिए :

उत्तर:

  • (1) इस चित्र में एक मुस्कुराता हुआ सूरज दिखाई दे रहा है, जिसका चेहरा मानव (इंसान) जैसा है।
  • (2) सूरज के चेहरे पर आँखें, नाक और हँसता हुआ मुँह बहुत ही सुंदर ढंग से बनाए गए हैं।
  • (3) चित्र में सूरज के ठीक पास जासूद (गुड़हल) का एक बड़ा और सुंदर फूल है।
  • (4) फूल के साथ उसकी हरी-हरी पत्तियाँ भी दिखाई दे रही हैं।
  • (5) सूरज और फूल दोनों ही बहुत प्रसन्न (खुश) लग रहे हैं।
  • (6) यह चित्र हमें यह संदेश देता है कि हमें भी सूरज और फूल की तरह हमेशा हँसते-मुस्कुराते रहना चाहिए और अपने अच्छे कामों से धरती को महकाना चाहिए।

प्र. 6. नीचे दिए गए शब्दों में से उचित सर्वनाम चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
(शब्द: आप, कोई, नई, गति, क्या, पानी, अपना, कुछ)

उत्तर:

  • (1) तुम्हारा नाम क्या है ?
  • (2) देखो तो कोई इधर ही आ रहा है।
  • (3) खाने के लिए कुछ तो दे दो। बहुत भूख लगी है।
  • (4) मैंने अपना काम पूरा कर दिया।
  • (5) आप कहाँ जा रहे हैं ?

प्र. 7. ऊँची आवाज़ में पढ़िए और समझिए :

उत्तर: (यह विद्यार्थियों के लिए एक पठन-प्रवृत्ति है। विद्यार्थियों को इन शब्दों का शुद्ध और स्पष्ट उच्चारण करना है।)
प्रमाण, ग्रहण, ट्रेन, राजेन्द्र, सूक्ष्म, ड्रामा, श्रमिक, कवयित्री, कार्यक्रम, श्रृंगार, शरत्चंद्र, श्रेष्ठ।


स्वाध्याय (पेज 35 से 36)

प्र. 1. प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

(1) फूलों से हमें क्या सीख मिलती है ?

उत्तर: फूलों से हमें यह सीख मिलती है कि चाहे आँधी आए या बारिश हो, यानी परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो, हमें हमेशा हँसते-मुस्कुराते रहना चाहिए और हर हाल में खुश रहना चाहिए।

(2) सूरज की किरणें क्या करती हैं ?

उत्तर: सूरज की किरणें रोज़ धरती पर आती हैं और रात के अँधकार (अँधेरे) को दूर भगाकर सारी दुनिया को प्रकाश से चमका देती हैं।

(3) दीपक जग को कैसे रोशन करता है ?

उत्तर: दीपक अपने अंतर (हृदय) को जला-जलाकर यानी खुद कष्ट सहकर पूरे जग (संसार) को रोशन करता है और अँधेरा दूर करता है।

(4) धरती को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए आप क्या करेंगे ?

उत्तर: धरती को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए हम कूड़ा-कचरा हमेशा कूड़ेदान में ही डालेंगे। हम अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाएँगे और उनकी देखभाल करेंगे। हम किसी भी प्रकार का प्रदूषण नहीं करेंगे।

(5) जग में नाम कमाने के लिए हमें क्या करना चाहिए ?

उत्तर: जग में नाम कमाने के लिए हमें एक अच्छा और सच्चा इंसान (इंसां) बनना चाहिए। हमें हमेशा दूसरों की भलाई के लिए अच्छे और सच्चे काम करने चाहिए।

प्र. 2. आप की कल्पना में..... (घेरे में लिखे गए शब्द संबंधी अन्य शब्द सोचकर पंखुडियों में लिखें)

उत्तर:

  • (1) चाँद : चाँदनी, शीतलता, रात, सुंदरता।
  • (2) धरती : माता, हरियाली, नदियाँ, पहाड़ (पर्वत)।
  • (3) वृक्ष : छाया, फल, ऑक्सीजन (हवा), हरियाली।

प्र. 3. समान प्रासवाले शब्द पढ़िए और बोलिए :

उत्तर: (यह पठन-प्रवृत्ति है। विद्यार्थियों को इसे स्पष्ट रूप से पढ़ना है।)

  • (1) मानवता, महानता, सज्जनता, समानता।
  • (2) लंबाई, चौड़ाई, गहराई, पढ़ाई, लिखाई।
  • (3) चाचा, दादा, नाना, मामा।

प्र. 4. निम्नलिखित शब्दों का वचन परिवर्तन करके वाक्य में प्रयोग कीजिए :

उत्तर:

  • (1) पंखा ➔ पंखे
    वाक्य: गर्मी के मौसम में कमरे के दोनों पंखे तेज़ चल रहे हैं।
  • (2) आँख ➔ आँखें
    वाक्य: उस छोटे बच्चे की आँखें बहुत सुंदर और चमकीली हैं।
  • (3) किताब ➔ किताबें
    वाक्य: मेज़ पर पढ़ने के लिए बहुत-सी किताबें रखी हुई हैं।
  • (4) पौधा ➔ पौधे
    वाक्य: हमने अपने बगीचे में गुलाब के कई नए पौधे लगाए हैं।
  • (5) पेन्सिल ➔ पेन्सिलें
    वाक्य: मेरे कंपास बॉक्स में चार रंगीन पेन्सिलें हैं।

प्र. 5. काव्य पंक्तियों को पढ़कर उनका भावार्थ लिखिए :

(1) दीपक को देखो कैसे यह, हरदम जलता रहता है।
अपना अंतर जला-जलाकर, रोशन जग को करता है।

भावार्थ: इन पंक्तियों का अर्थ है कि दीपक को देखो, वह हमेशा खुद जलता रहता है। वह अपने हृदय (अंतर) को जलाकर बहुत कष्ट सहता है, लेकिन बदले में वह पूरी दुनिया (जग) को अपना प्रकाश देकर रोशन करता है। इससे हमें भी दूसरों की भलाई के लिए त्याग करने की प्रेरणा मिलती है।

(2) आओ हम भी इंसा बनकर, जग में अपना नाम कमाएँ।
अच्छे सच्चे काम करें और, सारी धरती को महकाएँ।

भावार्थ: इन पंक्तियों का अर्थ है कि आओ, हम सब भी एक अच्छे और सच्चे इंसान बनें और इस संसार में यश (नाम) प्राप्त करें। हम अपने अच्छे और परोपकार के कार्यों से इस पूरी धरती को सुंदर और खुशबूदार (महकाएँ) बना दें।


इतना जानिए (संकेतों की जानकारी)

दिए गए संकेतों के संबंध में जानकारी प्राप्त कीजिए :

उत्तर: (रास्ते पर दिए जाने वाले सार्वजनिक संकेतों की जानकारी)

  • (1) पाठशाला (School): यह संकेत (त्रिकोण में दौड़ते हुए बच्चे) दर्शाता है कि आगे स्कूल है, इसलिए वाहन चालकों को अपने वाहन की गति धीमी कर देनी चाहिए ताकि बच्चों को सड़क पार करने में कोई परेशानी न हो।
  • (2) चिकित्सा सेवा (Hospital): यह लाल रंग का '+' (प्लस) का निशान दर्शाता है कि आस-पास कोई अस्पताल (दवाखाना) है, जहाँ इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
  • (3) पेट्रोल पंप (Petrol Pump): पेट्रोल मशीन का यह संकेत दर्शाता है कि थोड़ी दूरी पर पेट्रोल पंप है, जहाँ से वाहनों में ईंधन भरवाया जा सकता है।
  • (4) सार्वजनिक टेलीफोन (Public Telephone): टेलीफोन का यह संकेत दर्शाता है कि यहाँ टेलीफोन बूथ की सुविधा उपलब्ध है, जहाँ से लोग फोन कर सकते हैं।

योग्यता-विस्तार

ऐसे अन्य प्रकृति संबंधी काव्यों का बच्चों से संकलन करवाकर गान करवाएँ।

उत्तर: (यह प्रवृत्ति है। विद्यार्थी प्रकृति की अन्य कविताएँ गा सकते हैं।) उदाहरण के लिए एक प्रसिद्ध कविता:

"पर्वत कहता शीश उठाकर, तुम भी ऊँचे बन जाओ।
सागर कहता है लहराकर, मन में गहराई लाओ।"