पाठ १: दयालु शिकारी
अभ्यास और स्वाध्याय
कक्षा 6 हिंदी
अभ्यास (पेज-2)
प्र. 1. चित्र का अवलोकन करके प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
(1) इस चित्रपाठ में किस पशु की बात है?
उत्तर: इस चित्रपाठ में एक हिरनी की बात है।
(2) आपने किन-किन पशुओं को देखा है?
उत्तर: मैंने गाय, भैंस, कुत्ता, बिल्ली, बकरी, घोड़ा, ऊँट, हाथी, शेर, बाघ और हिरन जैसे कई पशुओं को देखा है।
(3) जंगल में कौन-कौन से जानवर देखने को मिलते हैं?
उत्तर: जंगल में शेर, बाघ, हाथी, भालू, हिरन, लोमड़ी, सियार, खरगोश, बंदर और जंगली सूअर जैसे जानवर देखने को मिलते हैं।
(4) चित्रपाठ के आधार पर शब्दों की सूची बनाइए। (उदाहरण : शिकारी, दयालु...)
उत्तर: जंगल, हिरनी, शावक (बच्चा), बंदूक, गोली, टाँग, अस्पताल, डॉक्टर, पशु, मानव, व्यवहार।
(5) चित्रपाठ के आधार पर चुने गए शब्दों को लेकर वाक्य बनाइए। (उदाहरण : एक दयालु शिकारी था।)
उत्तर:
- जंगल: जंगल में बहुत से जानवर रहते हैं।
- हिरनी: हिरनी बहुत तेज दौड़ती है।
- शावक: हिरनी ने एक सुंदर शावक को जन्म दिया।
- बंदूक: शिकारी के हाथ में बंदूक थी।
- गोली: शिकारी ने हिरनी पर गोली चलाई।
- टाँग: गोली हिरनी की टाँग में लगी थी।
- अस्पताल: शिकारी घायल हिरनी को अस्पताल ले गया।
- डॉक्टर: डॉक्टर ने हिरनी का इलाज किया।
प्र. 2. चित्रों के आधार पर निम्नलिखित जैसे प्रश्न पूछकर 'दयालु शिकारी' कहानी बनाइए:
(1) पहले चित्र में हिरनी क्या कर रही है?
उत्तर: पहले चित्र में हिरनी जंगल में दौड़ रही है।
(2) हिरनी जंगल में क्या-क्या खाती होगी?
उत्तर: हिरनी जंगल में हरी-हरी घास, पेड़-पौधों की पत्तियाँ और जंगली फल खाती होगी।
(3) हिरनी देखने में कैसी है?
उत्तर: हिरनी देखने में बहुत सुंदर, स्वस्थ और मोटी-ताजी है।
(4) शिकारी हिरनी का शिकार क्यों करना चाहता था?
उत्तर: शिकारी हिरनी के मांस के लिए उसका शिकार करना चाहता था।
(5) गोली मारने के बाद शिकारी ने क्या किया?
उत्तर: गोली मारने के बाद शिकारी यह देखने के लिए हिरनी के पास गया कि उसका निशाना सही लगा है या नहीं।
(6) हिरनी के समीप जाकर शिकारी ने क्या देखा?
उत्तर: हिरनी के समीप जाकर शिकारी ने देखा कि हिरनी की टाँग में गोली लगी है और उसके पास एक छोटा-सा शावक (नवजात बच्चा) बैठा है। हिरनी की आँखों से आँसू बह रहे थे।
(7) शिकारी हिरनी को कहाँ ले गया? क्यों?
उत्तर: शिकारी हिरनी को पशुओं के अस्पताल ले गया, क्योंकि वह घायल हिरनी का इलाज करवाना चाहता था।
(8) शिकारी ने हिरनी के साथ कैसा व्यवहार किया? क्यों?
उत्तर: शिकारी ने हिरनी के साथ बहुत दयापूर्ण व्यवहार किया, क्योंकि हिरनी और उसके छोटे बच्चे को देखकर शिकारी का हृदय-परिवर्तन हो गया था और उसे अपने किए पर बहुत पछतावा हो रहा था।
प्र. 3. वर्ण के आधार पर अधिक से अधिक शब्द बनाइए: (उदाहरण : ख : खरगोश, खत्म, खाली, खाना....)
उत्तर:
- (1) ट: टमाटर, टमटम, टोकरी, टूटना, टहलना।
- (2) ड: डमरू, डाकिया, डंडा, डाल, डर।
- (3) म: मछली, मगर, मकान, महल, माता।
- (4) भ: भालू, भारत, भगवान, भाई, भजन।
स्वाध्याय (पेज 3 से 5)
प्र. 1. शिकारी हिरनी के पास क्यों गया? अपने विचार लिखिए:
उत्तर: शिकारी ने जब हिरनी पर गोली चलाई, तब गोली की आवाज़ सुनकर जंगल के अन्य जानवर भाग गए। शिकारी यह देखने के लिए हिरनी के पास गया कि उसका निशाना सही लगा है या नहीं। वहां जाकर उसने देखा कि हिरनी तड़प रही है और उसके पास एक नवजात शावक बैठा है। हिरनी की आँखों में आँसू देखकर शिकारी को अपनी गलती का एहसास हुआ।
प्र. 2. नीचे दो प्रसिद्ध कहानियों के चित्र दिए गए हैं, उनके नाम लिखकर कहानी लिखिए:
(1) कहानी १: बातूनी कछुआ
एक तालाब में एक कछुआ रहता था। वह बहुत बातूनी था। उसी तालाब में दो हंस भी रहते थे जो उसके अच्छे मित्र थे। एक बार बारिश न होने के कारण तालाब का पानी सूखने लगा। हंसों ने दूसरे तालाब में जाने का निश्चय किया। कछुए ने भी साथ चलने की जिद की। हंस एक लकड़ी ले आए। उन्होंने कछुए से कहा कि वह लकड़ी को बीच में से मुँह से पकड़ ले और रास्ते में बिल्कुल न बोले। कछुए ने लकड़ी पकड़ ली और हंस उड़ने लगे। रास्ते में लोग उन्हें देखकर शोर मचाने लगे। लोगों को देखकर कछुए से चुप नहीं रहा गया। जैसे ही उसने बोलने के लिए मुँह खोला, वह नीचे गिर पड़ा और मर गया।
सीख: बिना सोचे-समझे और बेवकूफी में नहीं बोलना चाहिए।
(2) कहानी २: प्यासा कौआ
एक बार एक कौआ था। उसे बहुत प्यास लगी थी। वह पानी की तलाश में इधर-उधर उड़ रहा था। उड़ते-उड़ते उसे एक घड़ा दिखाई दिया। कौआ घड़े के पास गया, लेकिन उसमें पानी बहुत कम था। कौए की चोंच पानी तक नहीं पहुँच पा रही थी। कौए ने एक तरकीब सोची। उसने आसपास पड़े कंकड़ (पत्थर के टुकड़े) चोंच से उठाकर घड़े में डालने शुरू किए। कंकड़ डालने से पानी ऊपर आ गया। कौए ने पानी पिया और अपनी प्यास बुझाकर खुशी से उड़ गया।
सीख: सूझ-बूझ और मेहनत से हर मुश्किल का हल निकल सकता है।
प्र. 3. 'कौआ और लोमड़ी' कहानी:
एक बार एक कौए को कहीं से एक रोटी मिल गई। वह रोटी लेकर एक पेड़ की डाल पर जा बैठा। उसी समय वहाँ एक लोमड़ी आई। उसने कौए की चोंच में रोटी देखी, तो उसके मुँह में पानी आ गया। उसने कौए से वह रोटी ऐंठने का एक उपाय सोचा।
लोमड़ी पेड़ के नीचे खड़ी होकर कौए से बोली, "कौवे भैया, तुम कितने सुंदर हो! मैंने सुना है कि तुम्हारी आवाज़ बहुत मीठी है। क्या तुम मुझे एक गीत सुनाओगे?"
कौआ लोमड़ी की इस चालाकी को तुरंत समझ गया। उसे पता था कि यदि वह गाने के लिए मुँह खोलेगा, तो रोटी नीचे गिर जाएगी। इसलिए, समझदार कौए ने अपनी चोंच से रोटी निकाली और उसे अपने पंजों के नीचे मजबूती से दबा लिया। इसके बाद कौए ने मजे से अपना मुँह खोला और "काँव-काँव" करके गाना शुरू कर दिया।
लोमड़ी यह देखकर हैरान रह गई। उसे समझ आ गया कि यह कौआ मूर्ख नहीं बल्कि बहुत चतुर है और उसकी चालाकी यहाँ काम नहीं आएगी। लोमड़ी निराश होकर अपना सा मुँह लेकर वहाँ से चुपचाप चली गई। लोमड़ी के जाने के बाद कौए ने शांति से अपनी रोटी खा ली।
सीख: इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें दूसरों की झूठी तारीफ सुनकर मूर्ख नहीं बनना चाहिए और हमेशा अपनी सूझ-बूझ तथा बुद्धि से काम लेना चाहिए।
प्र. 4. प्रश्न: 2 और 3 में आपको कौन सी कहानी अच्छी लगी? क्यों?
उत्तर: मुझे 'प्यासा कौआ' की कहानी सबसे अच्छी लगी। क्योंकि इस कहानी से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि कठिन परिस्थिति में भी हमें हार नहीं माननी चाहिए। कौए ने अपनी सूझ-बूझ और बुद्धि का उपयोग करके पानी ऊपर निकाला और अपनी प्यास बुझाई। यह कहानी हमें धीरज और मेहनत का सच्चा महत्व सिखाती है।
प्र. 5. नीचे दिए गए शब्दों के विरोधी शब्द ढूँढ़कर वाक्य प्रयोग कीजिए:
(शब्द: दयालु, बहुत, स्वस्थ, खुश, जन्म, बुराई। विरोधी शब्द: थोड़ा, निर्दयी, मरण, खुशी, चिंता, नाखुश, भलाई, अस्वस्थ)
उत्तर:
- (1) बहुत × थोड़ा
वाक्य: मुझे बहुत भूख लगी है, कृपया मुझे थोड़ा खाना दे दो। - (2) स्वस्थ × अस्वस्थ
वाक्य: अस्वस्थ व्यक्ति को स्वस्थ होने के लिए डॉक्टर के पास जाना चाहिए। - (3) खुश × नाखुश
वाक्य: परीक्षा में कम अंक आने पर पिताजी नाखुश हो गए, जबकि अच्छे अंक आने पर वे खुश होते हैं। - (4) जन्म × मरण
वाक्य: इस संसार में जिसका जन्म होता है, उसका मरण भी निश्चित है। - (5) बुराई × भलाई
वाक्य: हमें हमेशा दूसरों की बुराई करने से बचना चाहिए और भलाई करनी चाहिए।
प्र. 6. नीचे दिए गए वाक्यों में जो 'संज्ञा' हैं, उन्हें रेखांकित कीजिए:
उत्तर:
- (1) पूजन की परीक्षा पाँच बजे तक चलनेवाली थी।
- (2) सब अम्बाजी जा रहे थे।
- (3) गुलाब का फूल मुझे पसंद है।
- (4) हिमालय की चढ़ाई बहुत कठिन थी।
- (5) आज बिल्ली सारा दूध पी गई।
प्र. 7. अंदाज अपना-अपना : यदि शिकारी की जगह तुम होते तो क्या करते? चर्चा कीजिए।
उत्तर: यदि शिकारी की जगह मैं होता, तो मैं कभी किसी मूक और निर्दोष प्राणी का शिकार नहीं करता। पशु-पक्षियों को भी हमारी तरह इस संसार में जीने का पूरा अधिकार है। यदि मैं उस हिरनी को घायल अवस्था में देखता, तो मैं भी उसे तुरंत पशुओं के अस्पताल ले जाता और उसका पूरा इलाज करवाता। ठीक होने के बाद मैं उसे उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में सुरक्षित छोड़ आता। मेरी हमेशा यही कोशिश रहती कि मैं जीवों के प्रति दयाभाव रखूँ और समाज के अन्य लोगों को भी ऐसा ही करने की प्रेरणा दूँ।